बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा विभाग

यूपी में प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए सिर्फ 5 घंटे खुलेंगे स्कूल, पढ़ें पूरी खबर


यूपी में प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए सिर्फ 5 घंटे खुलेंगे स्कूल, पढ़ें पूरी खबर

Up School News: उत्तर प्रदेश में परिषदीय स्कूलों के समय को लेकर एक अहम बदलाव की तैयारी चल रही है। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गर्मियों में स्कूलों का समय फिर से 5 घंटे करने पर सहमति जताई है।

इससे पहले कोविड-19 के बाद पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए स्कूलों का समय बढ़ाकर 6 घंटे कर दिया गया था, जो अब तक जारी है। दरअसल, पहले भी गर्मियों के मौसम में स्कूल केवल 5 घंटे ही चलाए जाते थे, लेकिन महामारी के दौरान लंबे समय तक स्कूल बंद रहने के कारण पाठ्यक्रम प्रभावित हो रहा था, जिसके चलते सर्दी और गर्मी- दोनों मौसमों में स्कूल का समय बढ़ाकर 6 घंटे कर दिया गया था। अब बढ़ती गर्मी और दोपहर में पड़ने वाली तेज धूप को देखते हुए यह निर्णय लिया जा रहा है।

दोपहर 2 बजे तक छुट्टी होने से बच्चों को घर लौटने में परेशानी होती है और उनके स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अभिभावकों की ओर से भी इसको लेकर लगातार चिंता जताई जा रही थी।

स्कूलों का समय क्या होगा?
Right to Education Act के प्रावधानों के अनुसार भी सर्दियों में 6 घंटे और गर्मियों में 5 घंटे स्कूल संचालित किए जाने का नियम है। इसी को ध्यान में रखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग स्कूलों का समय सुबह 7 से 12 बजे या 8 से 1 बजे तक करने पर विचार कर रहा है।

अगर पिछले वर्षों पर नजर डालें तो 2015 तक गर्मियों में स्कूल सुबह 7 बजे से 12 बजे तक चलते थे। 2016 में समय बदलकर 8 बजे से 1 बजे कर दिया गया, लेकिन कुल अवधि 5 घंटे ही रही। हालांकि, 2022 में स्कूल दोबारा खुलने के बाद समय बढ़ाकर 2 बजे तक कर दिया गया था।

जलवायु परिवर्तन है कारण
हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी और तेज हो गई है, जिसका असर स्कूली बच्चों सहित सभी जनजीवों पर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी कठिन है, जहां संसाधनों की कमी, तेज गर्मी और लू के कारण बच्चों के लिए लंबे समय तक स्कूल में रहना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। कई स्कूलों में पर्याप्त पंखों और ठंडे पानी की भी कमी होती है।

इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि वह गर्मियों में स्कूलों के समय को फिर से 5 घंटे करने की दिशा में कदम उठाए, ताकि बच्चों की सेहत और पढ़ाई दोनों का संतुलन बनाए रखा जा सके।


Related Articles

Leave a Reply

Back to top button