उल्लास ‘नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ 2026-27: उत्तर प्रदेश में 10 लाख निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य, आदेश देखें


उल्लास ‘नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ 2026-27: उत्तर प्रदेश में 10 लाख निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य, आदेश देखें

‘Ullas’ — Nav Bharat Literacy Programme 2026-27: Target Set to Make 1 Million Illiterates Literate in Uttar Pradesh; View Order

​उत्तर प्रदेश शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उल्लास ‘नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को बुनियादी साक्षरता और जीवन कौशल प्रदान करना है।

प्रमुख लक्ष्य और कार्ययोजना

​इस वर्ष के लिए प्रदेश के सभी जनपदों को मिलाकर कुल 10 लाख असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

प्रशिक्षण एवं कक्षा संचालन

वित्तीय प्रावधान (प्रति शिक्षार्थी लागत)

​सरकार ने प्रति असाक्षर ₹165 की लागत निर्धारित की है। इस बजट के अंतर्गत विभिन्न मदों में व्यय का आवंटन किया गया है, जिसमें सर्वे के लिए ₹10, शिक्षण सामग्री (TLM) के लिए ₹80, प्रशिक्षण हेतु ₹25, प्रचार-प्रसार के लिए ₹15 और मूल्यांकन व प्रमाणन के लिए ₹35 प्रति इकाई निर्धारित है।

जनपदवार लक्ष्य (मुख्य जिले)

​प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं। सर्वाधिक लक्ष्य बहराइच और श्रावस्ती (18,000 प्रत्येक) के लिए है। इसके अलावा अन्य प्रमुख शहरों के लक्ष्य इस प्रकार हैं: लखनऊ (8,000)वाराणसी (10,000)प्रयागराज (12,000) और गौतम बुद्ध नगर (5,000)

​निदेशक, साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करें। अभियान की पारदर्शिता के लिए गतिविधियों की फोटोग्राफ और वीडियो निदेशालय को ई-मेल या व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजना अनिवार्य है।


Exit mobile version