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दीपावली 20 अक्तूबर को ही मनाई जाएगी, नहीं है कोई भ्रम


दीपावली 20 अक्तूबर को ही मनाई जाएगी, नहीं है कोई भ्रम

वाराणसी। देश भर में दीपावली का महापर्व 20 अक्तूबर को ही मनाया जाएगा। इसकी तिथि पर किसी तरह का कोई भ्रम नहीं है। दीपोत्सव का समय कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी से शुक्लपक्ष की द्वितीया तक पांच दिन का माना गया है। निर्णय सिंधु तथा कालमाधव दोनों ग्रंथों में इस पर्व की काल सीमा स्पष्ट की गई है। त्रयोदशी तिथि का मान अधिक होने से पंचदीपोत्सव छह दिनों का होगा। यह बातें ज्योतिष विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार शुक्ल व सह आचार्य डॉ. मधुसूदन मिश्र ने व्यक्त किए। निर्णयसिंधु के अनुसार कार्तिककृष्ण चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी, अमावस्या पर लक्ष्मी पूजन, प्रतिपदा पर बलिपूजा, द्वितीया पर भैयादूज के साथ ही पंचदीपोत्सव का समापन होता है। वहीं कालमाधव के अनुसार दीपावली की अमावस्या रात्रि में स्थित होने पर ही लक्ष्मीपूजन शुभ फलदायिनी होता है। यदि दिन में अमावस्या हो और रात्रि में शुक्ल प्रतिपदा लग जाए तो पूजन निषिद्ध होता है। 20 अक्तूबर को सूर्यास्त के बाद दो घंटा 32 मिनट अर्थात 152 मिनट का प्रदोषकाल है।

द्वारिकाधीश मंदिर में 20 को दिवाली, 21 को गोवर्धन पूजा

मथुरा। पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार कान्हा की नगरी में स्थित प्रसिद्ध ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में इस बार दिवाली महोत्सव 20 अक्तूबर को और गोवर्धन पूजा तथा अन्नकूट दर्शन 21 अक्तूबर को मनाए जाएंगे। मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से समयानुसार दर्शन व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मंदिर के गोस्वामी डॉ. वागीश कुमार महाराज की आज्ञानुसार 20 अक्तूबर को लक्ष्मी-गणेश पूजन होगा। इसके बाद शयन दर्शन से पूर्व कान-जगाई कार्यक्रम संपन्न होगा। इसके अगले दिन 21 अक्तूबर को सुबह 10 बजे से गोवर्धन पूजा की जाएगी। शाम चार बजे से 7:30 बजे तक भाव अन्नकूट के दर्शन होंगे। मंदिर प्रांगण में विशेष सजावट और भोग प्रसाद की भव्य व्यवस्था की जाएगी। त्योहार के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। ब्यूरो

17 से 20 अक्तूबर तक खरीदारी के कई मुहूर्त

वाराणसी। मंगल और पुष्य नक्षत्र के बाद भी दीपावली तक खरीदारी के लिए मुहूर्त मिल रहे हैं। धन त्रयोदशी के साथ ही पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र का संयोग खरीदारों के लिए बेहद सुखद होगा। 17 से 20 अक्तूबर तक सोना-चांदी, चल-अचल संपत्ति के अलावा घर को सजाने वाले सामानों की खरीदारी की जा सकती है। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि 17 अक्तूबर को पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र, एकादशी और द्वादशी तिथि का मान रहेगा। इस दौरान आप इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स, बिजली के उपकरण और घर के सजावटी सामानों की खरीदारी कर सकते हैं। 18 अक्तूबर को उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र और धन त्रयोदशी का मान रहेगा। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र 18 अक्तूबर को दिन में 3:42 बजे से 19 अक्तूबर की शाम 5:50 बजे तक रहेगी। इसके बाद हस्त नक्षत्र लग जाएगा। धन त्रयोदशी अर्थात धनतेरस का शुभमुहूर्त भौम प्रदोष के साथ दोपहर 12:18 बजे से लेकर 08:30 बजे रात्रि तक रहेगा। धनतेरस पर शुभखरीदारी की अवधि दोपहर 03 बजे से लेकर 4:30 बजे तक होगी। ब्यूरो


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