बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा विभाग

अभियान चलाकर उच्च प्राथमिक स्कूलों के छात्रों का दाखिला राजकीय व एडेड माध्यमिक स्कूलों में कराया जाएगा


अभियान चलाकर उच्च प्राथमिक स्कूलों के छात्रों का दाखिला राजकीय व एडेड माध्यमिक स्कूलों में कराया जाएगा

माध्यमिक स्कूल फीडर विद्यालय बनेंगे, छात्र संख्या बढ़ाने के लिए की जा रही पहल ब्लॉक में वरिष्ठतम प्रधानाचार्य बनेंगे नोडल

लखनऊ। राजकीय व एडेड माध्यमिक स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए पहली बार अनूठी पहल की जा रही है। पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले उच्च प्राथमिक स्कूलों के कक्षा आठ के छात्रों का दाखिला राजकीय व एडेड माध्यमिक स्कूलों में कराया जाएगा। इनको उच्च प्राथमिक स्कूलों के फीडर विद्यालय बनाए जाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक में वरिष्ठतम प्रधानाचार्य को प्रभारी व नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।

स्कूल चलो अभियान का प्रथम चरण एक से 15 अप्रैल तक चलेगा। सभी सरकारी व एडेड माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहां कक्षा नौ व 11 में प्रवेश कराने के लिए तैयारियां शुरू करें। अपने विद्यालय के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूलों से संपर्क करेंगे। सभी उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने यहां पर एक रजिस्टर तैयार करेंगे, जिसमें कक्षा आठ के छात्रों का पूरा ब्योरा होगा और नौ में प्रवेश लेने की दशा में विद्यालय के नाम आदि का उल्लेख किया जाएगा।

नोडल अधिकारी इसका ब्योरा जुटाएंगे और कोशिश की जाएगी कि ज्यादा से ज्यादा प्रवेश सरकारी व एडेड माध्यमिक स्कूलों में हो। कोई अभिभावक अगर किसी अन्य स्कूल में प्रवेश कराना चाहता है, तो उन्हें इसकी छूट होगी। ऐसे ही कक्षा 10 के छात्रों का कक्षा 11 में प्रवेश के लिए अभियान चलाएंगे। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि 30 अप्रैल तक स्कूल दाखिले का ब्योरा देंगे।

शिक्षकों की टीम घर-घर जाएगी

नोडल की जिम्मेदारी होगी कि कक्षा आठ के पास छात्रों की सूची प्राप्त करेंगे। प्रधानाध्यापक व शिक्षकों की टीम घर-घर संपर्क करके कक्षा नौ व कक्षा 11 में छात्रों का प्रवेश अपने स्कूलों में कराने का आग्रह करेगी।

अब माध्यमिक विद्यालयों में भी चलेगा स्कूल चलो अभियान, कक्षा 8 के बाद ड्रॉप आउट हो रहे 21 फीसदी छात्रों पर नजर

एक अप्रैल से बेसिक-माध्यमिक में शुरू किया जाएगा अभियान

लखनऊ। प्रदेश में एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए सत्र 2026-27 को लेकर तैयारी तेज हो गई है। वहीं नए सत्र से बेसिक के साथ ही माध्यमिक विद्यालयों में भी छात्रों की संख्या बढ़ाने व ड्रॉप आउट को रोकने के लिए स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा। इसमें ड्रॉप आउट हो रहे 21 फीसदी छात्रों पर खास नजर होगी।

प्रदेश के बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विद्यालयों में एक अप्रैल से नए सत्र की शुरुआत होती है। इसे देखते हुए विभाग की ओर से नए सत्र को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। हर साल की तरह एक अप्रैल से ही इसे प्रभावी रूप से हर जिले में चलाया जाएगा। वहीं हाल ही में शासन स्तर पर हुई बैठक में निर्देश दिया गया है कि इस साल से माध्यमिक के विद्यालयों में भी इसे लागू किया जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार कक्षा 8 पास करने के बाद कक्षा नौ में 79 फीसदी ही छात्र नामांकन करा रहे हैं। वर्तमान में कक्षा आठ में 37 लाख बच्चे हैं। इसके अनुसार लगभग 8.17 लाख छात्र ड्रॉप आउट होते हैं।

इसमें 4.13 फीसदी छात्र व 4.03 फीसदी छात्राएं हैं। वहीं प्रदेश में कक्षा नौ से 12 में वर्तमान में 1.07 करोड़ छात्रों का नामांकन है। ऐसे में विभाग का लक्ष्य है कि स्कूल चलो अभियान के तहत कक्षा आठ में पढ़ने वाले ज्यादा से ज्यादा छात्रों का कक्षा नौ में नामांकन कराया जाए। इसके लिए उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां नामांकन दर कम है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक बच्चे की पहचान करें और उन्हें विद्यालय लाने के लिए प्रेरित करें। स्कूल चलो अभियान की सफलता के लिए सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया जाएगा।


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