बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा विभाग

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को जल्द मिलेंगे 500 नियमित प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारियों को जल्द ही मिलेगी तैनाती


राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को जल्द मिलेंगे 500 नियमित प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारियों को जल्द ही मिलेगी तैनाती

लोक सेवा आयोग ने आयोजित की डीपीसी, प्रक्रिया तेज

लखनऊ। प्रदेश के राजकीय माध्यामक विद्यालयों में प्रधानाचार्य के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज हो गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग को जल्द ही 500 नियमित प्रधानाचार्य मिलेंगे। लोक सेवा आयोग ने इसके लिए हाल ही में डीपीसी (विभागीय प्रोन्नति समिति) आयोजित की है।

शासन ने खंड शिक्षा अधिकारियों व पुरुष-महिला शिक्षकों का नया कोटा हाल ही में तय किया है। पदोन्नति के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। इसमें खंड शिक्षा अधिकारियों के लिए 34 फीसदी कोटा निर्धारित है, जो पहले 17 फीसदी था। महिला-पुरुष शिक्षकों के लिए 33-33 फीसदी कोटा तय किया गया है, जो पहले क्रमशः 22 व 61 फीसदी था।

डीपीसी में बीईओ व विभाग के वरिष्ठ शिक्षकों के पदोन्नति के पद भरे जाएंगे। निर्धारित मानक पूरे करने वाले खंड शिक्षा अधिकारी प्रधानाचार्य बनेंगे। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक भी पदोन्नति पाकर प्रधानाचार्य बनेंगे। इसका असर विद्यालयों के कामकाज पर पड़ेगा।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डीपीसी के बाद लोक सेवा आयोग योग्य अभ्यर्थियों की सूची शासन को भेजेगा। शासन औपचारिकताएं पूरी कर इन प्रधानाचार्यों को विद्यालयों में तैनाती देगा। प्रदेश के 2400 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में से 600 से ज्यादा में नियमित प्रधानाचार्य नहीं हैं।

बीईओ के खाली पद भरेंगे

प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के बाद प्रदेश में खंड शिक्षा अधिकारियों के काफी पद खाली होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने इन्हें भरने की प्रक्रिया पहले से ही शुरू कर दी है। विभाग खाली पदों की जानकारी जुटा रहा है। ताकि इसके अनुसार नई भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा जा सके। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा है।


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