बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा विभाग

शैक्षिक वर्ष 2025-26 के पास आउट हो चुके छात्र-छात्राओं की प्रोन्नति सत्यापित किये जाने के सम्बन्ध में शिक्षा निदेशक(बेसिक) का आदेश देखें


शैक्षिक वर्ष 2025-26 के पास आउट हो चुके छात्र-छात्राओं की प्रोन्नति सत्यापित किये जाने के सम्बन्ध में शिक्षा निदेशक(बेसिक) का आदेश देखें

यूपी बेसिक शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: प्रेरणा पोर्टल पर छात्र प्रोन्नति सत्यापन के सख्त निर्देश जारी

लखनऊ | 

​उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025–26 की समाप्ति के साथ ही अब छात्र-छात्राओं के अगले स्तर पर दाखिले और प्रोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को छात्र प्रोन्नति सत्यापन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया है।

पोर्टल पर डेटा पेंडिंग होने पर विभाग की सख्ती

​शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा जारी पत्र में इस बात पर गहरी नाराजगी जताई गई है कि प्रेरणा पोर्टल पर अभी भी बड़ी संख्या में पास-आउट हो चुके छात्रों की प्रोन्नति का सत्यापन लंबित है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक पोर्टल पर यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं होती, तब तक आगामी सत्र की छात्र गणना और डीबीटी (DBT) जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आ सकती है।

प्रमुख निर्देश और कार्ययोजना

​विभाग ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) और खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है:

  • प्रधानाध्यापकों की जवाबदेही: विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक सुनिश्चित करेंगे कि उनके स्कूल के हर उत्तीर्ण छात्र का डेटा पोर्टल पर अपडेटेड हो।
  • प्रोन्नति सत्यापन (Promotion Verification): वर्ष 2025–26 में सफल हुए विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट करने की प्रक्रिया को डिजिटल रूप से सत्यापित करना अनिवार्य है।
  • समय सीमा: इस कार्य को ‘तत्काल’ श्रेणी में रखते हुए बिना किसी देरी के पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।

क्यों जरूरी है यह सत्यापन?

​प्रेरणा पोर्टल पर छात्रों का डेटा अपडेट होना कई सरकारी योजनाओं के लिए आधार का काम करता है।

  1. निशुल्क यूनिफॉर्म और बैग: सही कक्षा के आधार पर ही डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेजी जाती है।
  2. मिड-डे मील (MDM): छात्रों की संख्या के आधार पर ही खाद्यान्न का आवंटन होता है।
  3. रिपोर्ट कार्ड और ड्रॉपआउट ट्रैकिंग: यह सुनिश्चित करना कि छात्र स्कूल छोड़ तो नहीं रहे हैं और उनका क्रमिक विकास हो रहा है।

विभाग का स्पष्ट संदेश: “प्रेरणा पोर्टल पर शैक्षिक वर्ष 2025–26 के पास आउट छात्र-छात्राओं की प्रोन्नति सत्यापन की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।”


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