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10वीं बोर्ड परीक्षा से पहले CBSE का मास्टर प्लान, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के क्वेश्चन पेपर को अलग-अलग सेक्शन में बांटा


10वीं बोर्ड परीक्षा से पहले CBSE का मास्टर प्लान, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के क्वेश्चन पेपर को अलग-अलग सेक्शन में बांटा

इंदौर। सीबीएसई की 10वीं बोर्ड परीक्षा में इस बार विद्यार्थियों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। बोर्ड ने विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्रों को अलग-अलग सेक्शन में बांट दिया है, ताकि उत्तरों का मूल्यांकन अधिक सही, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो सके।

बोर्ड द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार विज्ञान विषय को अब तीन अलग सेक्शन-भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान में विभाजित किया गया है। इसी तरह सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्र में इतिहास, भूगोल, राजनीति शास्त्र और अर्थशास्त्र के लिए अलग-अलग सेक्शन तय किए गए हैं।

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कॉपी में सेक्शन के हिसाब से उत्तर लिखना जरूरी होगा

छात्रों को उत्तर पुस्तिका में भी इन्हीं सेक्शन के अनुसार उत्तर लिखना अनिवार्य होगा। सीबीएसई ने साफ किया है कि यदि छात्र किसी एक विषय का उत्तर दूसरे सेक्शन में लिख देता है, तो उस उत्तर को जांच में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी उस प्रश्न के पूरे अंक कट जाएंगे। खास बात यह है कि यह गलती रीचेकिंग या रीवैल्यूएशन के दौरान भी सुधारी नहीं जाएगी। ऐसे में विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होगी। विज्ञान में कम्पटेंसी आधारित होंगे सवाल विशेषज्ञों के मुताबिक विज्ञान विषय में कम्पटेंसी आधारित और केस बेस्ड सवाल पूछे जाएंगे।

कम्पटेंसी आधारित प्रश्न ऐसे होते हैं, जिनमें केवल रटने से काम नहीं चलता। इनमें छात्र की समझ, सोचने की क्षमता और विषय के व्यावहारिक ज्ञान को परखा जाता है। जैसे किसी सिद्धांत को किसी वास्तविक स्थिति से जोड़कर प्रश्न पूछना। वहीं केस बेस्ड सवालों में एक छोटी सी स्थिति या उदाहरण दिया जाता है और उससे जुड़े कई प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनका उत्तर समझ और विश्लेषण के आधार पर देना होता है। सामाजिक विज्ञान में क्रिटिकल थिकिंग आधारित होंगे सवाल इसी प्रकार सामाजिक विज्ञान में इस बार क्रिटिकल थिंकिंग (तार्किक) और विश्लेषणात्मक सोच से जुड़े सवाल शामिल किए जाएंगे।

ऐसे प्रश्नों में छात्रों से किसी घटना, नीति या समस्या पर अपनी समझ के आधार पर उत्तर देने को कहा जाएगा। उदाहरण के तौर पर किसी ऐतिहासिक घटना के कारण और परिणाम, या किसी आर्थिक निर्णय के समाज पर प्रभाव से जुड़े प्रश्न हो सकते हैं। यह बदलाव विद्यार्थियों के लिए बेहतर सीबीएसई मामलों के विशेषज्ञ श्याम अग्रवाल ने बताया कि यह बदलाव विद्यार्थियों को भविष्य के लिए बेहतर तैयार करेगा। अब परीक्षा में कम्पटेंसी आधारित और क्रिटिकल थिंकिंग आधारित सवाल भी होंगे। ताकि परीक्षा केवल याददाश्त नहीं, बल्कि समझ और सोच की होगी। विद्यार्थी अभ्यास के दौरान सेक्शन के अनुसार उत्तर लिखने की आदत डालें, प्रश्न को पूरा समझें और जल्दबाजी से बचें। कोर्स को पुरा अच्छी तरह से अध्ययन करें।


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