परिषदीय स्कूलों में प्रत्येक कक्षा के बाद बजानी होगी घंटी, प्रयागराज के बीएसए ने क्यों दिया यह निर्देश?
प्रयागराज। अब सभी परिषदीय स्कूलों में प्रत्येक कक्षा के बाद अनिवार्य रूप से बेल यानी घंटी बजानी होगी। प्रार्थना सभा के पूर्व न्यूनतम 30 सेकेंड की घंटी भी अवश्य बजाने का निर्देश बीएसए ने जारी किया है।
कहा है कि प्रत्येक कक्षा के बाद शिक्षकों को कक्षा परिवर्तन करना होगा।
समय सारिणी बनाकर शिक्षण अनिवार्य
विद्यालय में समय सारिणी बनाकर शिक्षण अनिवार्य है। पिछले दिनों एआरपी के साथ हुई समीक्षा बैठक में उठाए गए बिंदुओं में निपुण लक्ष्य ऐप, शिक्षक संदर्शिका, शिक्षक डायरी, शिक्षण सामग्री, निपुण तालिका का प्रयोग शामिल है। साप्ताहिक आकलन ट्रैकर के प्रयोग के साथ गैप एनालिसिस पर भी चर्चा हुई।
प्रधानाध्यापकों की भी जिम्मेदारी तय
बीएसए ने निर्देशित किया है कि कंपोजिट विद्यालयों में प्राथमिक संवर्ग और उच्च प्राथमिक संवर्ग के शिक्षक संयुक्त रूप से कक्षाओं में समय सारणी के अनुरूप शिक्षण कार्य करेंगे। सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के बाद एआरपी को अपनी आख्या डायरी में अवश्य लिखनी होगी। प्रधानाध्यापकों व अन्य जिम्मेदार शिक्षकों को प्रेरणा ऐप पर प्री प्राइमरी शिक्षा से संबंधित डीसीएफ अर्थात डाटा कैपचर फार्मेट अनिवार्य रूप से भरना है।
डेटा एकत्र करने में शिक्षक उदासीनता बरत रहे
परिषदीय विद्यालयों से संबद्ध आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह वर्ष के बच्चों के नामांकन, गतिविधि और उपलब्ध संसाधनों का डिजिटल डेटा एकत्र करने का दायित्व दिया गया है। इसमें शिक्षक उदासीनता बरत रहे हैं। इसी तरह समेकित शिक्षा के तहत सभी परिषदीय विद्यालयों, सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, कक्षाध्यपकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डन व स्पेशल एजूकेटर्स को प्रशस्ति एप 2.0 को डाउनलोड किया जाना है।
इन ब्लाकों के शिक्षक नहीं ले रहे रुचि
इसमें सोरांव, कौड़िहार द्वितीय, होलागढ, मऊआइमा, जसरा, बहादुरपुर, कौधियारा, हंडिया ब्लाक के शिक्षक रुचि नहीं ले रहे। इसके लिए अकादमिक रिसोर्स पर्सन को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। इस एप को डाउनलोड कराने के लिए 18 मार्च तक की समय सीमा तय की गई है।
एक अप्रैल से चलेगा स्कूल चलो अभियान
बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि सभी स्कूलों में एक अप्रैल से स्कूल चलो अभियान चलेगा। नवीन नामांकन के लिए प्रधानाध्यापकों, सहायक अध्यापकों, शिक्षामित्रों को अभिभावकों से संपर्क करना है। उन्हें विभाग की ओर से दी जाने वाली सभी सुविधाओं से भी अवगत कराना है। एक अप्रैल को ही समस्त परिषदीय विद्यालयों में पुस्तक वितरण कार्यक्रम को आयोजित किया जाना है।
एक सप्ताह के भीतर पूरा करना अनिवार्य
शिक्षकों द्वारा दीक्षा एप का प्रयोग व दीक्षा एप पर संचालित शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स को पूरा करने की स्थिति की समीक्षा की गई है। जो लोग अभी प्रशिक्षण पूरा नहीं किए उन्हें जल्द पूरा करना है। प्रधानाध्यापकों को बाल वाटिका के कार्यक्रम के तहत लर्निंग कार्नर की सामग्री क्रय किये जाने संबंधी डीसीएफ भरना है। इस कार्य को एक सप्ताह के भीतर पूरा करना अनिवार्य है।