टीईटी पात्रता को लेकर पहले दिन 97890 शिक्षकों ने भेजा पीएम को पत्र

टीईटी पात्रता को लेकर पहले दिन 97890 शिक्षकों ने भेजा पीएम को पत्र
टीईटी पात्रता को लेकर पहले दिन 97890 शिक्षकों ने भेजा पीएम को पत्र Protest against TETलखनऊ , प्रमुख संवाददाता सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य किए जाने के आदेश के बाद प्रदेश भर के प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूलों में कार्यरत लाखों शिक्षक के नौकरी पर संकट आ गया, अगर सरकार हस्तछेप नहीं करती है, तो दो साल के अंदर सभी को अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करनी पड़ेगी या नौकरी छोड़नी पड़ेगी, जिससे शिक्षकों के सामने बड़ी विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है।उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के आह्वान पर बुधवार को पूरे प्रदेश से पदाधिकारियों एवं प्रभावित शिक्षकों द्वारा, पहले दिन 97890 निवेदन पत्र डाक द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली को भेजा गया।
Protest against TETयह कार्यक्रम 20 सितंबर तक चलेगा, इस दौरान प्रदेश के शिक्षक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को करीब पांच लाख पत्र भेजेंगे। इन पत्रों में 25 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग की गई है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया की 55 साल का शिक्षक कैसे अध्यापक पात्रता परीक्षा पास कर पाएगा, अब शिक्षक बच्चों को पढ़ाए या अब खुद पढ़े,! उन्होंने बताया की केंद्र सरकार के कानून और सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश से प्रदेश के लाखों शिक्षकों की नौकरी पर संकट गहराया है। केंद्र सरकार एवं एनसीटीई चाहे तो शिक्षकों को राहत मिल सकती है। इसी उद्देश्य से संघ ने 20 सितंबर तक प्रधानमंत्री को निवेदन पत्र भेजने का अभियान चलाने का निर्णय लिया है। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश संयुक्त संघर्ष संचालन समिति ने शिक्षकों के सामने उत्पन्न इस समस्या पर कानूनी राय लेकर रास्ता निकालने के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है