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8th CPC Update: JCM ने सौंपा ज्ञापन, न्यूनतम वेतन ₹69,000 और 6% वार्षिक इंक्रीमेंट की बड़ी मांग।


8th CPC Update: JCM ने सौंपा ज्ञापन, न्यूनतम वेतन ₹69,000 और 6% वार्षिक इंक्रीमेंट की बड़ी मांग।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) की सुगबुगाहट तेज हो गई है। नेशनल काउंसिल JCM (स्टाफ साइड) ने अपनी ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक के बाद 8वें वेतन आयोग के लिए अपनी मांगों का खाका तैयार कर लिया है। सचिव शिव गोपाल मिश्रा द्वारा जारी इस ज्ञापन में वेतन वृद्धि से लेकर भत्तों के पुनर्गठन तक कई बड़े बदलावों की सिफारिश की गई है।

वेतन संरचना में ऐतिहासिक बदलाव की मांग

​JCM ने महंगाई और जीवन निर्वाह की लागत को देखते हुए मौजूदा वेतन ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन का प्रस्ताव दिया है:

  • न्यूनतम वेतन: वर्तमान में न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) ₹18,000 है, जिसे बढ़ाकर ₹69,000 करने का प्रस्ताव है।
  • फिटमेंट फैक्टर: वेतन निर्धारण के लिए 3.833 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की गई है।
  • सालाना वेतन वृद्धि (Increment): मौजूदा 3% की वार्षिक वेतन वृद्धि को दोगुना कर 6% करने का सुझाव दिया गया है।

पे-मैट्रिक्स और लेवल्स का विलय (Merger)

​प्रशासनिक सुधार और पदोन्नति की बाधाओं को दूर करने के लिए पे-स्केल के विलय का प्रस्ताव दिया गया है:

  • लेवल 2 और 3 को मिलाकर एक स्केल बनाया जाए।
  • लेवल 4 और 5 का विलय कर उन्हें सीधे लेवल 5 का वेतन दिया जाए।
  • लेवल 7, 8, 9 और 10 के पदों को भी उच्चतर ग्रेड में समाहित करने की योजना है।
  • ​इसके अतिरिक्त, लेवल 5 के मौजूदा कर्मचारियों को एक बार के उपाय के तौर पर लेवल 6 में पदोन्नत करने की सिफारिश की गई है।

भत्तों (Allowances) पर नए प्रस्ताव

​ज्ञापन में मकान किराए (HRA) और अन्य भत्तों को लेकर भी कड़े सुझाव दिए गए हैं:

  • नया HRA ढांचा: शहरों की श्रेणी के आधार पर इसे संशोधित कर X शहर के लिए 40%, Y के लिए 35% और Z के लिए 30% करने का प्रस्ताव है।
  • पेंशनभोगियों को राहत: पहली बार पेंशनभोगियों के लिए भी HRA की मांग की गई है ताकि वे सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन जी सकें।
  • योग्यता भत्ता: पद के लिए निर्धारित योग्यता से अधिक डिग्री हासिल करने पर मूल वेतन का 10% अतिरिक्त भत्ता देने की मांग है।
  • ओवरटाइम (OT): सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए ओवरटाइम भुगतान की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया है।

वेतन में समानता और सामाजिक न्याय

​JCM ने न्यूनतम और अधिकतम वेतन के बीच के अंतर को कम करने पर विशेष ध्यान दिया है। परिषद का मानना है कि सबसे कम वेतन पाने वाले कर्मचारी और सबसे उच्च अधिकारी के वेतन का अनुपात 1:12 से अधिक नहीं होना चाहिए। यह कदम आय की असमानता को दूर करने और निचले स्तर के कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

पोषण और स्वास्थ्य पर जोर

​ज्ञापन में ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) की सिफारिशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि कर्मचारियों के वेतन की गणना 3490 कैलोरी के भोजन के आधार पर होनी चाहिए। इसमें प्रोटीन (दूध, अंडा, मांस) और संतुलित आहार की लागत को अनिवार्य रूप से शामिल करने की बात कही गई है।

निष्कर्ष: यदि सरकार इन सिफारिशों को स्वीकार करती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि देखी जा सकती है। फिलहाल स्टाफ साइड ने ज्ञापन जमा करने की समय सीमा 31 मई 2026 तक बढ़ाने का अनुरोध किया है ताकि विभागीय मुद्दों को भी इसमें गहराई से जोड़ा जा सके।


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