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बीए-बीएड व बीएससी-बीएड नहीं, आईटीईपी पढ़ेंगे


बीए-बीएड व बीएससी-बीएड नहीं, आईटीईपी पढ़ेंगे

लखनऊ। अब चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स बीए-बीएड व बीएससी बीएड कोर्स नहीं चलाया जाएगा। अब इसकी जगह इंटीग्रेटेड टीचर एजूकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) शुरू किया जाएगा। नए पाठ्यक्रम की मान्यता की प्रक्रिया भी अगले महीने से शुरू की जाएगी।राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की ओर से इसके निर्देश जारी कर दिए गए हैं। फिलहाल बीएड कोर्स चला रहे सभी कॉलेजों को अब इन दोनों पाठ्यक्रमों की जगह नया आईटीईपी कोर्स शुरू करना होगा।अगले शैक्षिक सत्र 2026-27 से आईटीईपी पाठ्यक्रम ही सभी बीएड कोर्स चला रहे कॉलेजों को चलाना होगा। अगले महीने सितंबर के मध्य में एनसीटीई के पोर्टल को खोला जाएगा और मान्यता की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संस्थानों को इस नए कोर्स को शुरू करने के लिए मान्यता दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इंटरमीडिएट पास विद्यार्थी को इस चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स में प्रवेश दिया जाएगा। विद्यार्थियों को इस नए कोर्स में शिक्षक-प्रशिक्षण से जुड़ी तमाम नई चीजें पढ़ाई जाएंगी और तकनीकी के प्रयोग से विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से शिक्षा दिए जाने पर जोर दिया जाएगा। एनसीटीई की नार्दन रीजन की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

बीएड संस्थानों में यही पाठ्यक्रम अनिवार्य होगा

अभी तक बीएड के तमाम कॉलेज विद्यार्थियों को चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स में कला व विज्ञान वर्ग में विद्यार्थियों की रूचि के अनुसार प्रवेश दिया जा रहा था। अब एक संपूर्ण बीएड पाठ्यक्रम आईटीईपी को नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किया गया है, जो विद्यार्थियों के लिए ज्यादा उपयोगी होगा। सभी बीएड संस्थानों को अनिवार्य रूप से अब यही पाठ्यक्रम चलाना होगा।


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