अब 29–30 जनवरी 2026 की TET भी स्थगित होने के आसार, नए अध्यक्ष की नियुक्ति में देरी से अटकी परीक्षाएँ
अब 29–30 जनवरी 2026 की TET भी स्थगित होने के आसार, नए अध्यक्ष की नियुक्ति में देरी से अटकी परीक्षाएँ
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं पर अध्यक्ष पद खाली होने का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2022 की टीजीटी और पीजीटी भर्ती परीक्षाओं को पहले ही स्थगित किया जा चुका है, और अब 29–30 जनवरी 2026 को प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) भी टलने की संभावना तेज हो गई है। आयोग में नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया फिलहाल जारी है, जिसके कारण परीक्षा आयोजन की तैयारियाँ ठप हैं।

10 दिसंबर तक नए आवेदन, फिर स्क्रीनिंग और साक्षात्कार
आयोग के अध्यक्ष पद के लिए संशोधित अर्हता के आधार पर 10 दिसंबर 2024 तक नए आवेदन लिए जा रहे हैं।
आवेदन मिलने के बाद:
- स्क्रीनिंग
- साक्षात्कार
- अंतिम चयन
की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा। तेज़ी से प्रक्रिया होने पर भी दिसंबर मध्य तक नए अध्यक्ष का चयन होना मुश्किल माना जा रहा है।
TET आयोजन की सभी तैयारियाँ अटकीं
नए अध्यक्ष की नियुक्ति तक कई महत्वपूर्ण कार्य शुरू नहीं हो सकते, जैसे—
- TET के लिए ऑनलाइन आवेदन लेना
- परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी का चयन
- परीक्षा केंद्रों का आवंटन
- सुरक्षा व व्यवस्थाओं की योजना
इन सभी प्रक्रियाओं में समय लगता है, इसलिए प्रस्तावित तिथि पर TET कराना नए अध्यक्ष के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। इससे परीक्षा स्थगित होना लगभग तय माना जा रहा है।
पहले भी दो परीक्षाएँ स्थगित हो चुकीं
1 अगस्त 2024 को तत्कालीन अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पाण्डेय की अध्यक्षता में तीन प्रमुख परीक्षाओं की तिथियाँ तय की गई थीं—
- पीजीटी वर्ष 2022 भर्ती परीक्षा: 15–16 अक्टूबर
- टीजीटी वर्ष 2022 भर्ती परीक्षा: 18–19 दिसंबर
- नई TET परीक्षा: 29–30 जनवरी 2026
लेकिन 22 सितंबर को अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया, जिसे 26 सितंबर को स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद वरिष्ठ सदस्य रामसुचित को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया, जिन्हें केवल दैनंदिन कामकाज निपटाने का दायित्व है।
इसके बाद घटनाक्रम:
- पीजीटी परीक्षा पहले स्थगित की गई
- अध्यक्ष पद के लिए योग्यता संशोधित होने और नए आवेदन शुरू होने पर
- टीजीटी परीक्षा भी 18 नवंबर को स्थगित कर दी गई
अब TET की तिथि नज़दीक आने पर इसकी स्थगन की आशंका निश्चित मानी जा रही है।
अभ्यर्थियों में बढ़ती चिंता
लगातार परीक्षाएँ टलने से अभ्यर्थियों में निराशा और अनिश्चितता का माहौल है।
विशेषकर 2022 की टीजीटी–पीजीटी भर्ती का इंतज़ार कर रहे लाखों उम्मीदवार नए कैलेंडर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आयोग में स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद कम है।