278 स्कूल हुए चिह्नित, प्रत्येक को दी जाएगी दो-दो करोड़ राशि
278 स्कूल हुए चिह्नित, प्रत्येक को दी जाएगी दो-दो करोड़ राशि
प्रतापगढ़। पीएम श्री योजना में चयनित होने के पहले ही जिले के 123 स्कूल फेल हो गए हैं। इन स्कूलों को अब दोबारा मौका भी नहीं मिलेगा, जबकि 155 स्कूलों के चयन पर मुहर लग गई है। चयनित स्कूलों को विकास कार्य कराने के लिए दो-दो करोड़ रुपये मिलेंगे।
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जिले के सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने पीएमश्री योजना प्रारंभ की है। पहले चरण में 19 स्कूलों का चयन किया जा चुका है। दूसरे चरण में 278 स्कूलों का चयन करने का लक्ष्य था, किंतु ऑनलाइन सूचना देने में 123 स्कूल फेल हो गए। हालांकि जिले के 155 स्कूल मानक पर खरे उतरे हैं। इनकी सूची राज्य मुख्यालय को भेजी गई है।
जिले के 155 स्कूलों का चयन पीएम श्री योजना के तहत किया गया है। इन स्कूलों की सूची शासन को भेज दी गई है। प्रदीप कुमार, डीसी, बेसिक शिक्षा विभाग
दरअसल केंद्र सरकार स्थल विकास, स्कूलों में शैक्षिक माहौल बनाने के लिए दो-दो करोड़ रुपये दे रहा है, मगर इसके लिए स्कूलों को जमीन की उपलब्धता, स्कूल से मुख्य मार्ग की दूरी, बच्चों की संख्या आदि की जानकारी देनी होगी।
मगर दुर्भाग्य है कि प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में जमीन ही नहीं है। इससे अगर धनराशि मिल जाती है, तो इसका दुरुपयोग होने की संभावना अधिक है। इसलिए मानक पूरा नहीं करने वाले स्कूलों का चयन नहीं कर रहा है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति की हर बात होगी शामिल
पीएम श्री योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की हर बात शामिल होगी। यह स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में मदद करेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतरीन और अनुकरणीय स्कूल के रूप में सामने आएंगे। विद्यालयों में शिक्षा प्रदान करने में एक आधुनिक, परिवर्तन लाने वाला तरीका इस्तेमाल किया जाएगा। सभी छात्रों के लिए एक सुरक्षित, प्रोत्साहित करने वाले शैक्षिक वातावरण में सीखने एवं अलग अनुभव प्रदान करने वाली अच्छी ढांचागत व्यवस्था एवं समुचित संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसमें स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने सहित बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा।
शिक्षकों के लिए भी काफी अहम होगा
इन विद्यालयों में प्रैक्टिकल, समग्र, एकीकृत, वास्तविक जीवन की स्थितियों पर आधारित पढ़ाई कराई जाएगी। ये शिक्षकों के लिए भी काफी अहम होगा। इनमें स्मार्ट कक्षा, पुस्तकालय, कौशल प्रयोगशाला, खेल का मैदान, कंप्यूटर प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला आदि सभी सुविधाएं होंगी।