बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा विभाग

16 से शिक्षामित्र व अनुदेशकों के पढ़ाने पर संशय


शिक्षामित्र और अनुदेशकों का 31 मई को खत्म हो गया है अनुबंध।

एक जुलाई से 31 मई तक का ही रहता है रहता है इनका अनुबंध

गोरखपुर:- शासन आदेश पर ग्रीष्मावकाश के बाद इस बार 16 जून से ही परिषदीय विद्यालय खुल जाएंगे । विद्यालय तो खुल जाएंगे पर बच्चों को पढ़ाएगा कौन ? इस अभी संशय है क्योंकि परिषदीय विद्यालयों की रीढ़ बन चुके शिक्षामित्र और अनुदेशकों का अनुबंध 31 मई को समाप्त हो गया है उनका केवल 11 माह का ही अनुबंध रहता है , उसका ही उनको मानदेय मिलता है । जून माह का मानदेय इनको नहीं मिलता है । ऐसे में बिना अनुबंध व बिना पारिश्रमिक उनके पढ़ाने पर संशय बना हुआ है । जिले में 1670 प्राथमिक विद्यालयों तकरीबन 2800 शिक्षामित्र व 834 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 452 अनुदेशक अध्यापन का कार्य कराते हैं । उनका जुलाई से 31 मई तक का अनुबंध रहता है । इस 11 माह का ही उनको मानदेय मिलता है । पूर्व के वर्षों में जून माह स्कूलों के बंद रहने पर शिक्षामित्र अनुदेशकों के शिक्षणेत्तर कार्य नहीं करने से उनको मानदेय नहीं मिलता था । 16 जून को परिषदीय स्कूल खुल जाएंगे लेकिन 31 मई को ही समाप्त हो चुके अनुबंध के बाद शिक्षामित्र और अनुदेशकों के विद्यालय जाने पर संशय बरकार उनके अनुबंध का रिन्यूवल जुलाई माह होता है । शिक्षामित्र और अनुदेशक बिना नये अनुबंध के विद्यालय जाने को लेकर ऊहापोह में है । क्योंकि अगर वह विद्यालय भी है तो उनको इसका पारिश्रमिक भी नहीं मिलेगा ।

पारिश्रमिक नहीं तो काम नहीं:

आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन जिलाध्यक्ष गदाधर दुबे कहा कि जून का शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं मिलता उनका अनुबंध एक जुलाई से 31 तक का ही है । इस बार 16 जून से विद्यालय खुल जा रहे हम शासन निर्देश का इंतजार कर हैं । परिषदीय अनुदेश कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा है कि वह शासन का हर आदेश मानने को तैयार लेकिन बिना लिखित आदेश के अनुदेशक विद्यालय नहीं जाएंगे । हम लोग नो पे , वर्क पर ही अडिग रहेंगे ।

“ग्रीष्मावकाश के अवकाश अवकाश देकर कर दिया गया ऐसे में 16 जून से सभी को विद्यालय आना होगा । शिक्षामित्र और अनुदेशकों के अनुबंध को लेकर शासनस्तर पर जो भी निर्णय लिया जाएगा उसका पालन कराया जाएगा । आरके सिंह , बीएसए

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