जनगणना में प्रधानाध्यापक प्रगणक और मातहत कर्मचारी को बनाया उनका सुपरवाइजर
जनगणना में प्रधानाध्यापक प्रगणक और मातहत कर्मचारी को बनाया उनका सुपरवाइजर
लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। जनगणना में प्रधानाचार्यों व वरिष्ठ शिक्षकों को प्रगणक एवं उनके मातहत कर्मचारियों को उनका सुपरवाइजर बना दिया गया है। इसे इस प्रकार से समझ सकते हैं कि 2800 ग्रेड पे के कर्मचारियों को सुपरवाइजर बना दिया गया है और उनसे कई पायदान ऊपर 6600 ग्रेड पे के शिक्षक एवं प्रधानाचार्यों को उनके नीचे मातहत के रूप में प्रगणक बना दिया गया है, जिससे प्रधानाचार्यों व वरिष्ठ शिक्षकों में भारी आक्रोश है।
संबंधित मामले को लेकर शिक्षक विधायकों एवं नेताओं ने मुख्य सचिव एवं जनगणना रजिस्ट्रार को इसकी शिकायतें भेजी है।
शिकायतों का विवरण
शिकायतों में लिखा गया है कि जनगणना 2027 का कार्य आगामी 22 मई से शुरू होने जा रहा है। एडेड स्कूलों में कार्यरत प्रधानाचार्यों, शिक्षकों व कर्मचारियों को भी इस कार्य में लगाया गया है लेकिन इसमें वेतनमान और लेवल का कतई ध्यान नहीं रखा गया है, जिससे शिक्षकों में आक्रोश एवं असंतोष है। उदाहरण के लिए 2800 ग्रेड पे के कर्मचारियों को 4600, 4800, 5400 तथा 6600 ग्रेड पे वाले का सुपरवाइज बना दिया गया है। वहीं अधिक वेतनमान और ग्रेड पे वाले को प्रगणक का दायित्व सौंपा गया है। यह नितान्त अव्यवहारिक एवं अपमानजनक है। लिहाजा वेतनमान एवं लेवल के अनुसार ही सुपरवाइजर एवं प्रगणक का दायित्व दिया जाए।
प्रशिक्षण का विरोध
इससे पूर्व जनगणना की ट्रेनिंग में शिक्षकों व अन्य कर्मियों को जनगणना के दायित्वों को पूरा करने के लिए आधुनिक फीचर वाले मोबाइल के इस्तेमाल के निर्देश का भी खूब विरोध हो रहा है। विरोध में शिक्षकों की ओर से तमाम तरह के तर्क दिए गए हैं, मसलन बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जो आज भी की-पैड वाला साधारण मोबाइल प्रयोग करते हैं। किसी ने लिखा कि कई शिक्षक ऐसे हैं, जिनके पास स्मार्टफोन तो है लेकिन अपनी जरूरत के हिसाब से 4जीबी से कम रैम वाला मोबाइल का उपयोग करते हैं। यह भी लिखा गया है कि ऐसा करना कोई पिछड़ापन नहीं यह उनकी निजी जीवन शैली है। सभी की व्यक्तिगत और पारिवारिक प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं। हर व्यक्ति अपनी क्षमता और जरूरत के अनुसार ही कोई साधन चुनता है। फिर कैसे किसी को विशेष मोबाइल खरीदने के लिए बाध्य किया जा सकता है। आदि-आदि ।