जनगणना ड्यूटी करें या टीईटी की तैयारी
जनगणना ड्यूटी करें या टीईटी की तैयारी
लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत की उम्मीद लगाए प्रदेश के 1.86 लाख शिक्षकों को झटका लगा है। ऐसे में एक बार फिर से प्रदेश के इन शिक्षकों की धड़कन बढ़ गई है। शिक्षक पसोपेश में हैं कि वे जनगणना की ड्यूटी पूरी करें या जुलाई में होने वाली टीईटी की तैयारी करें।

सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 में निर्देश दिया कि शिक्षण सेवा में बने रहने व पदोन्नति के लिए टीईटी अनिवार्य है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन शिक्षकों को राहत भी दी जिनकी सेवानिवृत्ति पांच साल के अंदर होनी है। उन्हें टीईटी किए बिना भी सेवा जारी रखने की अनुमति दी गई है। इसी क्रम में शिक्षक संगठन दोबारा सुप्रीम कोर्ट गए थे और वहां से टीईटी से राहत न देते हुए इसे करने के लिए 31 अगस्त 2028 की समय सीमा तय कर दी गई है।
ऐसे में इस निर्णय से प्रभावित हो रहे प्रदेश के 1.86 लाख से अधिक शिक्षकों की धड़कन फिर से बढ़ी हुई है। इसमें काफी शिक्षकों ने जुलाई में आयोजित की जा रही टीईटी के लिए आवेदन कर रखा है। इन शिक्षकों का कहना है कि टीईटी जुलाई में है और सितंबर में सीटेट भी। जबकि उनकी ड्यूटी जनगणना में लगी
पसोपेश में प्रदेश के 1.86 लाख से अधिक शिक्षक, सुप्रीम कोर्ट से भी टीईटी अनिवार्यता के मामले में नहीं मिली राहत हुई है। ऐसे में वे जनगणना कराएं कि परीक्षा की तैयारी करें। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के निर्भय सिंह ने कहा कि शिक्षक एक के बाद एक एसआईआर, बीएलओ, जनगणना आदि ड्यूटी में उलझा हुआ है। उसको पढ़ाई करने का मौका कहां मिल पा रहा है। अब जब उसे सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है तो सरकार को ऐसे शिक्षकों को जनगणना से राहत देनी चाहिए। ताकि वे पढ़ाई और तैयारी करके परीक्षा में शामिल हो सकें।
टीईटी निर्णय से प्रभावित शिक्षकों को दी जाए राहत
लखनऊ। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने टीईटी से संबंधित समीक्षा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय से प्रभावित शिक्षकों को राहत दिए जाने की मांग की है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग) के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने कहा कि यदि लाखों शिक्षकों को समय रहते राहत नहीं दी गई, तो वे शांतिपूर्ण आंदोलन को बाध्य हो सकते हैं। प्रदेशीय मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव, महासचिव प्रो. गीता भट्ट ने भी सरकार से शिक्षकों को राहत प्रदान करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार मानसून सत्र में कानून बनाकर शिक्षकों को राहत प्रदान करे। ब्यूरो
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ की दिल्ली कूच की चेतावनी
लखनऊ। टीईटी अनिवार्यता से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जल्द आंदोलन कार्यक्रम जारी करने की बात कही है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि शिक्षामंत्री ने बंगाल चुनाव में जीतने पर टीईटी से छूट की बात कही थी। अब वे अपने वादे को पूरा करते हुए 2017 में हुए संशोधन को रद्द करें अन्यथा देशभर का प्रभावित शिक्षक दिल्ली कूच करेगा। वहीं नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने इस निर्णय को एकतरफा बताते हुए कहा कि सेवारत शिक्षकों पर टीईटी लागू करना न्यायोचित नहीं है। ब्यूरो