महिलाओं को होमगार्ड व शिक्षक भर्ती में दी जाए वरीयता: योगी

सीएम ने कहा- डब्ल्यूईई सूचकांक महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम
लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड व शिक्षक भर्ती में पुलिस भर्ती की तर्ज पर महिलाओं को वरीयता दी जाए। राज्य सरकार का दायित्व है कि महिलाओं को न सिर्फ सम्मान मिले, बल्कि उन्हें सुरक्षा बलों और शासन-प्रशासन में भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले।

सीएम ने कहा, महिलाएं यदि योजनाओं की मूल शक्ति बनेंगी तभी समाज और राज्य की समग्र प्रगति होगी। सीएम मंगलवार को महिला आर्थिक सशक्तीकरण सूचकांक (डब्ल्यूईई इंडेक्स) का प्रस्तुतीकरण देखने के बाद संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने इसे नारी गरिमा और आत्मनिर्भरता की दिशा में यूपी का ऐतिहासिक कदम बताया। कहा कि यह बताता है कि किस जिले में महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिला और कहां प्रयास की जरूरत है। उन्होंने सूचकांक को मुख्यमंत्री नियंत्रण कक्ष से जोड़ने
सीएम नियंत्रण कक्ष से जुड़ेगा सूचकांक, विभाग भी इसी आधार पर करेंगे नीति निर्माण
और सभी संबंधित विभागों से इसे नीति निर्माण और निगरानी के महत्वपूर्ण आधार के रूप में अपनाने को कहा। प्रत्येक विभाग इस सूचकांक के आधार पर अपने-अपने कार्यक्षेत्र में महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए ठोस कार्ययोजना बनाएं। जिलों को भी इसी के अनुसार अपनी रणनीति तय करनी होगी।
बता दें, यह सूचकांक योजना विभाग के उदयती फाउंडेशन के सहयोग से तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य की योजनाओं व कार्यक्रमों से महिलाओं को कितना लाभ मिल रहा है, इसका मूल्यांकन कर सुधार की दिशा तय करना है।
लखनऊ में स्थिति बेहतर श्रावस्ती-बलरामपुर में सुधार की जरूरत
प्रस्तुतीकरण में सामने आया कि कई योजनाओं में कुछ जिलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है जबकि कुछ में महिलाओं की भागीदारी कम है। लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी जैसे जिलों में योजनाओं का लाभमहिलाओं तक बेहतर ढंग से पहुंचा। श्रावस्ती, संभल, महोबा, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर जिलों में विशेष प्रयास की जरूरत है। सीएम ने निर्देश दिए कि ओडीओपी मार्जिन मनी योजना के तहत महिलाओं को लाभान्वित करने के लिए जिलों में विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि वे इस सूचकांक को सिर्फ रिपोर्ट मानकर न छोड़ें, बल्कि इसे कार्य का आधार बनाकर निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करें।