परिषदीय स्कूलों में प्रिंसिपल तय करेंगे विद्यालयों का टाइम-टेबल, मिड-डे मील के लिए मिलेगा 30 मिनट Time Table School


परिषदीय स्कूलों में प्रिंसिपल तय करेंगे विद्यालयों का टाइम-टेबल, मिड-डे मील के लिए मिलेगा 30 मिनट

देवरिया। परिषदीय स्कूलों में पठन-पाठन को अधिक सुव्यवस्थित, प्रभावी व परिणामोन्मुख बनाने के लिए प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक की ओर से टाइम-टेबल का निर्धारण किया जाएगा।

नए निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय में कक्षावार व विषयवार टाइम-टेबल तैयार करना अनिवार्य होगा। उसी के अनुरूप शिक्षण कार्य संचालित किया जाएगा।


महानिदेशक, स्कूल शिक्षा की ओर से निर्देश दिए जाने के बाद बीएसए की ओर से अमल कराने की तैयारी है। महानिदेशक ने कहा है कि बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता व निर्धारित समय में पाठ्यक्रम पूर्ण कराने को ध्यान में रखते हुए टाइम-टेबल बनाई जाएगी।

इसके आधार पर प्रधानाध्यापक कक्षाओं का विभाजन करेंगे व शिक्षकों को विषय आवंटित करेंगे। प्राथमिक स्कूलों में भाषा व गणित, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों में गणित, अंग्रेजी व विज्ञान विषय का प्रतिदिन कम से कम एक कालांश निर्धारित करना अनिवार्य होगा।

प्रत्येक कालांश 40 मिनट का होगा, जिसमें पिछले दिनों पढ़ाए गए पाठ की पुनरावृत्ति (रिकैप) कराया जाएगा। फिर प्रभावी कक्षा शिक्षण व गतिविधियों का संचालन व अंत में पढ़ाए या सिखाए गए पाठ्य बिंदु का समेकन किया जाएगा। स्कूलों में मध्याह्न भोजन के लिए 30 मिनट का समय निर्धारित किया गया है।

इस अवधि में बच्चों को बैठाकर भोजन कराना व पुनः कक्षा में भेजना सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए जारी एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक माह पाठ्यक्रम पूर्ण कराना अनिवार्य होगा।

कक्षा छह से आठवीं तक सप्ताह में एक कालांश खान एकेडमी के डिजिटल संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, टीएलएम, कार्यपुस्तिका, संदर्शिका, किट्स व अन्य शैक्षणिक सामग्री के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया है, ताकि कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

टाइम-टेबल को विद्यालय के नोटिस बोर्ड और प्रधानाध्यापक कक्ष में चस्पा करना अनिवार्य होगा, जिससे अभिभावकों, निरीक्षण अधिकारियों और अन्य आगंतुकों को इसकी जानकारी मिल सके।

बीएसए अनिल कुमार सिंह ने बताया कि समय सारिणी के संबंध में पूर्व में जारी सभी निर्देशों को अवक्रमित करते हुए नए निर्देश जारी किए गए हैं। जिस पर अमल कराया जा रहा है।


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