High Court (हाईकोर्ट)

शिक्षामित्रों के नियमितीकरण पर दो माह में निर्णय लेंः हाईकोर्ट


शिक्षामित्रों के नियमितीकरण पर दो माह में निर्णय लेंः हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने 115 शिक्षा मित्रों की याचिका पर दिया आदेश

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को शिक्षामित्रों की सेवा नियमित करने के मामले में निर्णय लेने का निदेश दवा को कोर्ट ने यह आदेश जाग्गों, श्रीपाल केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि 115 याची प्रत्यावेदन । तीन सप्ताह में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को दें और अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा दो माह में विचार कर सहायक अध्यापक पद पर नियमितीकरण मामले में फैसला लें।

 यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान ने तेज बहादुर मौर्य और 114 अन्य शिक्षा मित्रों की याचिका निस्तारित कर दिया है। याचियों के अधिवक्ता सत्येंद्र चंद्र त्रिपाठी के अनुसार याची बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा मित्र के रूप में वर्षों से कार्यरत हैं। लंबी सेवा को देखते हुए उन्हें सहायक अध्यापक के रूप में नियमित करने की मांग की गई।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के 11 जून 2025 के आदेश के अनुसार याची नियमित किए जाने के हकदार हैं। सरकार की ओर से कहा गया कि हाईकोर्ट ऐसे ही मामले में विशेष अपील खारिज कर चुका है। यह सरकार का नीतिगत मामला है इसमें कोर्ट को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। याची के अधिवक्ता ने कहा कि बदली परिस्थितियों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में याची नियमित होने के हकदार हैं, इसलिए उनके मामले में विचार किया जाना चाहिए। इस पर कोर्ट ने सरकार को याचियों के मामले में दो माह में निर्णय लेने का आदेश दिया है।

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