बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा विभाग

उपलब्धि: परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में यूपी का यह रहा अव्वल


उपलब्धि: परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में यूपी का यह रहा अव्वल

परिषदीय विद्यालय के कक्षा तीन व कक्षा छह के विद्यार्थी प्रदेश में पहले स्थान पर

श्रावस्ती। शिक्षा के मामले में कभी सबसे निचली पायदान पर रहने वाले श्रावस्ती ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) के सर्वेक्षण के बुधवार को जारी परिणाम में परिषदीय विद्यालय के कक्षा तीन व कक्षा छह के विद्यार्थी प्रदेश में पहले स्थान पर रहे।

एनसीईआरटी ने दिसंबर-2024 में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण कराया था। इसमें परिषदीय विद्यालयों के साथ ही सरकारी सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई, केंद्रीय विद्यालय, मदरसे व नवोदय विद्यालय सहित जिले के कुल 114

विद्यालयों का चयन किया गया। इसमें प्रति विद्यालय 30 विद्यार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष सर्वेक्षण में जिले के 2.967 बच्चे शामिल हुए। सर्वेक्षण में कक्षा तीन में भाषा व गणित, कक्षा छह में भाषा, गणित व सामाजिक अध्ययन तथा कक्षा नौ में भाषा, गणित, विज्ञान व सोशल साइंस विषयों को शामिल किया गया। परख की रिपोर्ट के अनुसार परिषदीय विद्यालयों के प्रदर्शन में कक्षा तीन व कक्षा छह को श्रावस्ती को प्रदेश में पहला स्थान मिला। ओवरऑल कक्षा छह के प्रदर्शन में श्रावस्ती प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। वहीं कक्षा छह में बालिकाओं के प्रदर्शन में जिले को प्रदेश में चौथा स्थान मिला।

99.79 प्रतिशत विद्यालयों में उपलब्ध कराई गई मूलभूत सुविधा: बेसिक शिक्षा के चिभिन्न सूचकांकों में सुधार के लिए जिले के सभी 984 स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था कराई गई। साथ ही 594 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 25 विद्यालयों में स्मार्ट सेंटर, पांच बीआरसी च 75 विद्यालयों में आईसीटी लैब तथा दो विद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना कराई गई है। जिले में 984 के सापेक्ष 982 विद्यालयों को आधारभूत अवस्थापना सुविधा के 16 पैरामीटर से संतृप्त किया गया है।

शिक्षकों की क्षमता संवर्द्धन, प्रशिक्षण, निपुण भारत मिशन के तहत छात्रों व शिक्षकों के प्रदर्शन से सकारात्मक शिक्षण अधिगम वातावरण का सूजन, सतत मूल्यांकन व्यवस्था तथा शिक्षकों व समुदाय से निरंतर संवाद स्थापित करने जैसे प्रयास के कारण ही यह उपलब्धि मिली है।

परख सर्वे का अआंकड़ा बेसिक शिक्षा विभाग के सतत प्रयासों, शैक्षिक सुधारों व नवाचारों को प्रदर्शित करता है। जिले में अभी भी कुछ संकेतकों के सापेक्ष बेहतर प्रयास की जरूरत है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग तथा अन्य विभागों के आपसी सामंजस्य से बच्चों के लर्निंग आउटकम में सुधार के लिए परीक्षा का आयोजन कराते हुए प्रगति की समीक्षा की जाएगी। निर्धारित उपलब्धि के लिए विशेष कक्षाओं का संचालन भी कराया जाएगा ताकि जिले का प्रदर्शन बेहतर हो सके। अजय कुमार द्विवेदी, डीएम


Related Articles

Leave a Reply

Back to top button