यूपी RTE में 1.95 लाख में सिर्फ 56 प्रतिशत हुआ एडमिशन, DM को 25 अप्रैल तक प्रवेश कराने का निर्देश
लखनऊ। प्रदेश में गरीब और वंचित बच्चों को निजी स्कूलों तक पहुंच दिलाने वाली आरटीई एक्ट (निश्शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम) की प्रगति धीमी नजर आ रही है।
1.95 लाख से अधिक सीटें आवंटित होने के बावजूद अब तक सिर्फ 56 फीसदी बच्चों का ही दाखिला हो पाया है।
इस पर शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलाधिकारियों को 25 अप्रैल तक हर हाल में 100 प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित कराने का अल्टीमेटम दे दिया है।
इस शैक्षणिक सत्र में अलाभित समूह और दुर्बल वर्ग के कुल 1,95,740 बच्चों को गैर सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की कक्षा एक और पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं में दाखिले के लिए सीटें आवंटित की गई थीं।
20 अप्रैल तक प्रवेश की अंतिम तिथि निर्धारित होने के बावजूद अब तक केवल 1,08,866 बच्चों (56 प्रतिशत) का ही दाखिला हो सका है। यह आंकड़ा शासन के लक्ष्य से काफी पीछे है, जिससे विभाग में चिंता बढ़ गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बुधवार को सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा है कि जिलाधिकारी व्यक्तिगत स्तर पर इस प्रक्रिया की निगरानी करें और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से सुनिश्चित करें कि 25 अप्रैल तक सभी आवंटित बच्चों का प्रवेश हर हाल में पूरा हो जाए।
वहीं, दाखिले की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्य सचिव स्तर से भी इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की बाधा को तुरंत दूर कर प्रवेश प्रक्रिया को तेज किया जा सके।
प्रदेश में सबसे कम प्रवेश वाले जिलेजिलासंख्या/आंकड़ाश्रावस्ती662चित्रकूट280औरैया296हमीरपुर238महोबा309बहराइच194बस्ती312कन्नौज532संत कबीर नगर609जालौन1082