High Court (हाईकोर्ट)

पदोन्नति एवं समायोजन प्रकरण : तथ्य और याचिकाएं


पदोन्नति एवं समायोजन प्रकरण : तथ्य और याचिकाएं

1. दाखिल याचिकाएं

• Writ A 523/2024

यह याचिका तब दाखिल की गई जब सरकार TET उत्तीर्ण किए बिना पदोन्नति देने जा रही थी।

• न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि केवल TET उत्तीर्ण शिक्षकों की ही पदोन्नति की जाए और सरकार से जवाब तलब किया।

• Writ A 10581/2025

यह याचिका तब दाखिल हुई जब सरकार ने हेडमास्टर (प्राइमरी) को सरप्लस घोषित कर ATUPS पद पर समायोजित कर दिया।

• परिणामस्वरूप:

1. हेडमास्टर के पद समाप्त कर दिए गए।

2. ATUPS के पद भी भर दिए गए।

• इससे TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की पदोन्नति के अवसर समाप्त हो गए।

• याचिका में हमारी माँगें:

• सभी विद्यालयों में हेडमास्टर पद की बहाली।

• प्रत्येक कक्षा में न्यूनतम एक शिक्षक की नियुक्ति।

• हेडमास्टरों का किया गया समायोजन निरस्त हो।

• TET उत्तीर्ण याचियों की पदोन्नति सुनिश्चित की जाए।

2. हमारा पक्ष

• हेडमास्टर का पद पहले भी था और RTE लागू होने के बाद भी होना चाहिए। PTR की गलत व्याख्या से इन्हें खत्म करना अनुचित है।

• इंचार्ज हेडमास्टर अस्थायी व्यवस्था है, जबकि पदोन्नति स्थायी अधिकार है। इंचार्ज का लाभ कभी भी समाप्त हो सकता है, लेकिन पदोन्नति से स्थायी लाभ व आगे का प्रमोशन दोनों सुनिश्चित होते हैं।

3. पात्रता

• प्राथमिक से पदोन्नति हेतु:

• 5 वर्ष का सेवाकाल पूर्ण + TET उत्तीर्ण होना आवश्यक।

• अपर प्राथमिक (ATUPS) से पदोन्नति हेतु:

• 3 वर्ष का सेवाकाल पूर्ण होना आवश्यक।

• 69000 भर्ती वाले शिक्षक (जिनका 5 वर्ष का सेवाकाल पूरा नहीं हुआ है) अभी याचिका से नहीं जुड़ सकते।

4. वरिष्ठता और TET का महत्व

• भविष्य में वरिष्ठता सूची में TET का कॉलम होगा।

• उदाहरण: यदि सूची में

• क्रम संख्या 1 पर गैर-TET

• और क्रम संख्या 2 पर TET उत्तीर्ण है,

तो पदोन्नति का अधिकार क्रम संख्या 2 वाले को ही मिलेगा।

5. क्यों जुड़ें हमारे साथ?

• प्रदेश में कई संगठन हैं, लेकिन वे केवल चंदा लेते हैं और औपचारिक धरना/ज्ञापन देकर रुक जाते हैं। वास्तविक समस्या का हल वहीं मिलता है जहाँ हम सीधे न्यायालय में लड़ाई लड़ते हैं।

• हमारी लड़ाई आपकी और हमारी साझा समस्या है। आप सभी के सहयोग से ही अदालत में मजबूती से पक्ष रखा जा सकता है।

• पहले भी न्यायालय ने केवल याचियों को अंतरिम राहत दी (जैसे वेतन/इंचार्ज हेड का लाभ), पर अंतिम निर्णय सामान्यत: सभी पर लागू होता है।

• इसलिए जो अभी जुड़ेंगे, वे प्रत्यक्ष लाभ भी पाएंगे।

यह लड़ाई सिर्फ कागज़ी नहीं, बल्कि भविष्य की स्थायी पदोन्नति और हक की बहाली के लिए है। 


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