बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा विभाग

शिक्षिका तीन दिन के चिकित्सा अवकाश पर, बच्चे स्कूल लौटे, बीएसए ने पिता से कहा स्वास्थ्य ठीक होने पर ही स्कूल में भेजें


शिक्षिका तीन दिन के चिकित्सा अवकाश पर, बच्चे स्कूल लौटे

शिक्षकों ने घर – घर जाकर अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने का आग्रह किया।

काकोरी के कम्पोजिट स्कूल भरोसा का मामला।

बीएसए ने पिता से कहा स्वास्थ्य ठीक होने पर ही स्कूल में भेजें

लखनऊ:- काकोरी ब्लॉक के भरोसा कम्पोजिट स्कूल में उग्र व्यवहार व उत्पात करने वाली सहायक अध्यापिका तीन दिन के चिकित्सा अवकाश पर चली गई हैं । शिक्षिका के छुट्टी पर जाने के पहले दिन ही गुरुवार को 51 बच्चों की संख्या बढ़ गई । बच्चों , शिक्षकों व अन्य ने राहत की सांस ली । स्कूल में शांतिपूर्ण माहौल रहा । बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए स्कूल के शिक्षकों ने घर – घर जाकर अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की । शिक्षिका के उत्पात व सहकर्मी के साथ मारपीट , तोड़फोड़ और बच्चों को कक्षा में बंद करने की घटना से सहमे 200 बच्चों ने 15 दिन से स्कूल आना बंद कर दिया था । इससे नाराज 150 से अधिक अभिभावकों ने बुधवार को स्कूल का घेराव कर विरोध जताया था । जिसके बाद प्रधानाध्यापक ने अभिभावकों , सहयोगी शिक्षकों और रसोइया के साथ बीएसए से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी । बीएसए ने स्कूल का निरीक्षण कर शिक्षक और बच्चों के बयान लिये थे ।

शिक्षकों ने बच्चे बढ़ाने की कवायद शुरू की कम्पोजिट स्कूल भरोसा के प्रधानाध्यापक वीरेन्द्र सिंह का कहना है कि एक सहायक शिक्षिका की वजह से जिन बच्चों ने स्कूल आना बंद कर दिया है , उनके घर जाकर अभिभावकों से भेजने का आग्रह किया । भरोसा दिलाया कि उनके बच्चे स्कूल में सुरक्षित रहेंगे । उनकी देखभाल करेंगे । जिसके बाद अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हुए । प्रधानाध्यापक वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि बुधवार को 152 बच्चे स्कूल आए थे । जबकि गुरुवार को 203 बच्चे स्कूल आए । इनमें से 102 जूनियर व 101 प्राथमिक स्कूल के हैं । सभी कक्षाएं सामान्य दिनों की तरह संचालित हुईं । अन्य अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने का प्रयास किया जा रहा है । स्कूल में मौजूदा समय में 435 बच्चे पंजीकृत हैं । इनमें से करीब 350 बच्चे नियमित आ रहे थे ।

शासन का पक्ष:

शिक्षिका के पिता को सलाह दी गई है कि वह इलाज कराएं । ठीक होने पर ही स्कूल भेजें जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो । शिक्षिका की दोबारा शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी । स्कूल के शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वो अभिभावकों से संपर्क कर सभी बच्चों को स्कूल बुलाएं और उन्हें पढ़ाएं।”- अरुण कुमार , बीएसए

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