पंचायत चुनाव : यूपी में कम होंगे सवा करोड़ डुप्लीकेट मतदात, बिहार की तर्ज पर यूपी में भी सत्यापन शुरू
बिहार की तर्ज पर यूपी में भी सत्यापन शुरू, एआई ने पकड़े समान नाम वाले फर्जी मतदाता
लखनऊ। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूचियों से करीब सवा करोड़ मतदाता कम होंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने कई गांवों में एक नाम वाले यानी डुप्लीकेट मतदाता चिह्नित किए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को बीएलओ को घर-घर भेजकर चिह्नित मतदाताओं का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। जिन मतदाताओं के नाम एक सेअधिक ग्राम पंचायतों में हैं उन्हें सूची से हटाया जाएगा।
प्रदेश में अगले साल अप्रैल-मई में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं। वर्तमान में इन चुनावों के लिए करीब एआई ने अलग-अलग मतदाता सूचियों में शामिल व्यक्ति और उसके पिता के नाम के 80 प्रतिशत तक हिस्से का मिलान करते हुए रिपोर्ट दी है। जहां मतदाता और उसके पिता के नाम में ऐसी समानता है वहां सभी की जांच बीएलओ मौके पर जाकर करेंगे।
12 करोड़ मतदाता हैं। पूरे प्रदेश में बिहार की तर्ज पर इन मतदाताओं के सत्यापन का काम शुरू हो चुका है। राज्य राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, एआई के माध्यम से मतदाता सूचियों की जांच कराई गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार मतदाता सूची में 10 फीसदी नाम डुप्लीकेट हैं।
नाम और वल्दियत में 80% तक समानता होने पर चिह्नित:
कहीं एक ही व्यक्ति का सरनेम पहले तो कहीं बाद में करके अलग-अलग ग्राम पंचायतों में उसका नाम दर्ज मिला है। इसी तरह से एक ही व्यक्ति की उम्र और लिंग अलग दर्ज करके यह काम किया गया है।