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नया आयकर विधेयक संसद से पारित


नया आयकर विधेयक संसद से पारित

नई दिल्ली, संसद ने मंगलवार को नए आयकर विधेयक को पारित कर दिया। अब इस बिल को राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यह नया विधेयक करीब 64 साल पुराने आयकर विधेयक, 1961 का स्थान लेगा। मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम मंगलवार को राज्यसभा में वित्त टैक्स बिल- 2025 पेश किया। जहां उसे ध्वनिमत से पास कर दिया गया। लोकसभा में यह बिल सोमवार को महज तीन मिनट के भीतर ही पारित हो गया था। इसके अलावा राज्यसभा ने कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 को भी पारित किया।

बता दें कि नए आयकर विधेयक में टैक्स कानून को सरल बनाने की कवायद की गई है। अप्रासंगिक हो चुके प्रविधान हटा दिए गए हैं। नए कानून में केवल टैक्स ईयर का उल्लेख करना होगा। टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यही नहीं, अब समय बीत जाने के बाद भी टैक्स रिटर्न भरने पर आयकर दाता को रिफंड मिल सकेगा।

उधर, मर्चेंट शिपिंग बिल-2025 को लोकसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। राज्यसभा ने इस बिल को एक रोज पूर्व यानी सोमवार को ही पारित कर दिया था। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब यह कानून का रूप ले लेगा। इस बिल का उद्देश्य

राज्यसभा ने ध्वनिमत से पास किया इनकम टैक्स बिल-2025, लोकसभा में सोमवार को ही हो गया था मंजूर

मर्चेंट शिपिंग बिल-2025 लोकसभा से भी पारित, अब राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा

बंदरगाहों से संबंधित कानून को समेकित करना, एकीकृत बंदरगाह विकास को बढ़ावा देना, व्यापार करने को सुविधाजनक बनाना और भारत के समुद्री तटों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिवाला कानून में संशोधन के लिए मंगलवार को लोकसभा में एक विधेयक पेश किया। विधेयक को पेश किए जाने के बाद मंत्री के अनुरोध पर दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 को सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया। सीतारमण ने कहा कि समिति संसद के अगले सत्र के प्रथम दिन अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है। दिवाला कानून का क्रियान्वयन कार्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। इस मंत्रालय का प्रभार भी सीतारमण के ही पास है।

नए आयकर विधेयक में अग्रिम कर पर ब्याज प्रविधान के लिए सुधार अधिसूचना जारी

नई दिल्ली,  वित्त मंत्रालय ने नए आयकर विधेयक में अग्रिम कर की कम अदायगी पर ब्याज वसूली संबंधी प्रविधान को लेकर मंगलवार को एक सुधार अधिसूचना जारी की। इसमें निर्धारित तारीख तक अग्रिम कर की कम अदायगी करने पर तीन प्रतिशत ब्याज की वसूली का प्रविधान किया गया है। साथ ही इस प्रविधान को आयकर अधिनियम, 1961 के मौजूदा प्रविधानों के अनुरूप बना दिया गया है। मौजूदा नियमों के तहत जिन करदाताओं पर 10,000 रुपये या उससे अधिक का कर देय होता है, उन्हें अग्रिम कर चार किस्तों में चुकाना होता है। इन किस्तों के लिए 15 जून, 15 सितंबर, 15 दिसंबर और 15 मार्च की तारीखें नियत होती हैं। सोमवार को लोकसभा में पारित आयकर (संख्या 2) विधेयक, 2025 में प्रावधान था कि अगर तिमाही की नियत तिथि के अगले दिन ही अग्रिम कर राशि में कमी पूरी कर दी जाए तो एक माह का एक प्रतिशत ब्याज ही लगेगा।


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