ऑनलाइन कक्षाओं और काम को प्राथमिकता दें: मोदी बोले- कोरोना महामारी की तरह इस संकट से भी बाहर निकल आएंगे
मध्यपूर्व में तनाव के चलते दुनियाभर में जारी संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को स्कूलों से ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का आह्वान किया। उन्होंने लगातार दूसरे दिन नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने और घर से काम करने की अपील की। मोदी ने सार्वजनिक परिवहन, ई-वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करने को भी कहा।

वडोदरा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने आग्रह किया कि जहां संभव हो वहां घर से काम करने की व्यवस्था को अपनाएं। विदेश यात्रा को सीमित करें। मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के चलते सोने की खरीद को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने खाने के तेलों का इस्तेमाल भी कम करने की अपील की।
मोदी ने कहा कि नागरिकों को विदेश से आने वाले उत्पाद का इस्तेमाल कम करना चाहिए, आयातित सामान पर निर्भरता से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया लगातार अस्थिर हालात से गुजर रही है। पहले कोविड, फिर वैश्विक आर्थिक चुनौती और अब पश्चिम एशिया में तनाव। इसके असर से भारत भी इससे अछूता नहीं है। मोदी ने कहा, जैसे हर बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही हर छोटी और बड़ी कोशिश मायने रखती है।
सबसे गंभीर संकट : प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया का संकट इस दशक के सबसे गंभीर संकटों में से है। जिस तरह हमने कोरोना महामारी पर विजय प्राप्त की, उसी तरह हम इस संकट से भी बाहर निकल आएंगे। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि जब भी देश को युद्ध या किसी अन्य संकट का सामना करना पड़ा, तब नागरिकों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है। आज भी हमें ऐसा ही करना होगा।
24 घंटे में दूसरी बार अपील : महत्वपूर्ण यह है कि 24 घंटे में दूसरी बार प्रधानमंत्री ने लोगों से यह अपील की है। इससे पूर्व पश्चिम एशिया संकट को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को तेलंगाना में आयोजित एक कार्यक्रम में इस तरह की अपील की थी।
रुपया सर्वकालिक निचले स्तर पर
रुपया सोमवार को 79 पैसे टूटकर डॉलर के मुकाबले सर्वकालिक निचले स्तर 95.28 (अस्थायी) पर आ गया। अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा खारिज करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से घरेलू मुद्रा पर दबाव है।