High Court (हाईकोर्ट)
मर्जर प्रकरण: विशेष अपील संख्या 222 और 223/2025 — याचिकाकर्ता बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग)
प्रकरण: विशेष अपील संख्या 222 और 223 / 2025 — याचिकाकर्ता बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग)
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न्यायाधीश: माननीय मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली एवं माननीय न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह
तारीख: 24 जुलाई 2025
मुख्य बिंदु
- यह विशेष अपीलें 07.07.2025 को एकल न्यायाधीश द्वारा दिए गए आदेश के विरुद्ध दायर की गई हैं, जिसमें दोनों रिट याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं।
- याचिकाएं सीतापुर ज़िले से संबंधित हैं और स्कूलों के पेयरिंग (जोड़ी बनाने) की वैधता को चुनौती दी गई थी।
- अपीलकर्ता का तर्क था कि यह पेयरिंग प्रक्रिया “नजदीकी स्कूल” की व्यवस्था (Right to Education Act, 2009 और संविधान के अनुच्छेद 21-A) का उल्लंघन करती है।
- एकल न्यायाधीश के समक्ष राज्य की ओर से कोई औपचारिक प्रतिउत्तर हलफ़नामा (counter affidavit) दाखिल नहीं किया गया था, लेकिन कुछ दस्तावेज रखे गए थे।
- उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने इन दस्तावेजों में कुछ विसंगतियां (discrepancies) पाई, तो राज्य ने आज हलफ़नामा दाखिल कर सफाई दी और उन दस्तावेजों को औपचारिक रूप से रिकॉर्ड पर लिया गया।
- अपीलकर्ताओं ने इन नए दस्तावेजों पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे मंज़ूरी दे दी गई।
- अब अगली सुनवाई 21 अगस्त 2025 को होगी।
- तब तक (अस्थायी तौर पर) सिर्फ ज़िला सीतापुर के संबंध में, कोर्ट ने कहा है कि स्कूल पेयरिंग की जो भी स्थिति आज है, वही यथास्थिति (Status Quo) बनी रहेगी — यानी कोई नया बदलाव न किया जाए।
- कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम आदेश केवल अस्थायी है और इससे नीति की वैधता पर कोई टिप्पणी नहीं मानी जाए।


