TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक प्रकोष्ठ का ज्ञापन, सांसद से की हस्तक्षेप की मांग
TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक प्रकोष्ठ का ज्ञापन, सांसद से की हस्तक्षेप की मांग
मथुरा।
भारतीय किसान यूनियन के शिक्षक प्रकोष्ठ, मथुरा द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर उत्पन्न गंभीर समस्या के समाधान हेतु एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन लोकसभा सांसद फतेहपुर सीकरी (आगरा)एवं भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय राजकुमार चाहर को प्रेषित किया गया।
ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए हालिया आदेश के तहत कक्षा 1 से 8 तक कार्यरत समस्त शिक्षकों को आगामी दो वर्षों में TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है, अन्यथा उन्हें सेवा से बाहर किया जा सकता है। इस आदेश से देशभर के लगभग 15 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं और उनमें भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्याप्त है।
शिक्षक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की वर्ष 2010 एवं 2011 की अधिसूचनाओं के अनुसार TET लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर यह शर्त लागू नहीं थी। ऐसे शिक्षक वर्षों से निरंतर एवं सफलतापूर्वक शिक्षण कार्य कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें अचानक TET के आधार पर सेवा से बाहर करना न्यायसंगत नहीं है।
संगठन ने मांग की कि RTE अधिनियम की धारा 23(2) में आवश्यक संशोधन अथवा स्पष्टीकरण कराते हुए पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त किया जाए ।
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन शिक्षक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, महामंत्री जितेन्द्र सिंह, कार्यकारी जिलाध्यक्ष वेदवीर सिंह , उपाध्यक्ष मनेंद्र, सदस्य शिक्षक हरिश्चंद्र प्रधान व महावीर जी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
