कक्षा तीन के बच्चे पढ़ेंगे एनसीईआरटी की किताबें


कक्षा तीन के बच्चे पढ़ेंगे एनसीईआरटी की किताबें

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने नई किताबों को दी मंजूरी

आदरणीय शिक्षकगण आप हमारे Whatsapp Group एवं टेलीग्राम से जुड़ सकते है!    
https://chat.whatsapp.com/HDrKIBhcBhGHeV4GKlgay6 टेलीग्राम:https://t.me/nipunbharat Whatsapp Channel Linkhttps://whatsapp.com/channel/0029Vag42TF3rZZgqVMYl12A

प्रयागराज । परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में इस सत्र से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें पढ़ाई जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने एनसीईआरटी नई दिल्ली द्वारा नवविकसित तथा उत्तर प्रदेश के संदर्भमें कस्टमाइज्ड कक्षा तीन की वीणा-एक (भाषा), गणित मेला (गणित), हमारा अद्भुत संसार (पर्यावरण), बॉसुरी-एक (अंग्रेजी) एवं उर्दू भाषा में विकसित सितार-एक (उर्दू भाषा), रियाजी मेला (अनूदित), हमारी हैरतअंगेज दुनिया (अनूदित) की पाठ्यपुस्तकों को मंजूरी दे दी है।

सचिव की ओर से गुरुवार को पाठ्य पुस्तक अधिकारी को इस संबंध में पत्र भेजा गया है। राज्य शिक्षा संस्थान के प्राचार्य नवल किशोर ने 17 जनवरी को नवविकसित किताबें भेजी थी। उससे पहले एनसीईआरटी को भेजकर संशोधन के संबंध में सहमति ली गई थी। किताबों की सप्लाई के लिए टेंडर पहले ही जारी हो चुका है और जिलों में सप्लाई भी शुरू हो गई है।

45 फीसदी से अधिक किताबें पहुंचीः

जिले में परिषदीय स्कूलों में बंटने के लिए निःशुल्क किताबों की सप्लाई शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रयागराज जिले के लिए 1966500 किताबों की खरीद का ऑर्डर दिया था जिसमें से 895458 किताबों की सप्लाई हो चुकी है। 782772 कार्यपुस्तिका में से एक भी नहीं आई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी का कहना है कि ट्रैफिक सामान्य होने के साथ किताबें ब्लॉकों में भेजना शुरू कर देंगे।

अगले सत्र में चार से आठ तक में होगी लागू

प्रयागराज। परिषदीय स्कूलों में पिछले साल कक्षा एक और दो में जबकि इस सत्र से कक्षा तीन में एनसीईआरटी किताबें लागू की गई है। अगले सत्र से कक्षा चार से आठ तक में उत्तर प्रदेश के संदर्भमें कस्टमाइज्ड एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार वार्षिक कार्ययोजना में इसे शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शेष कक्षाओं में भी तानक पुस्तकें लागू की जा सके।


Exit mobile version