डिजिटल जनगणना 2027: प्रगणक और पर्यवेक्षक की भूमिका एवं उत्तरदायित्व


डिजिटल जनगणना 2027: प्रगणक और पर्यवेक्षक की भूमिका एवं उत्तरदायित्व Digital Census 2027

भारत की आगामी जनगणना को आधुनिक और सटीक बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों का समावेश किया गया है। इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक जमीन पर उतारने की मुख्य जिम्मेदारी प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) के कंधों पर है। डिजिटल जनगणना के अंतर्गत इन दोनों पदों के मुख्य कर्तव्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है ताकि डेटा संग्रह में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे।1. प्रगणक (Enumerator) के प्रमुख कर्तव्यप्रगणक वह पहली कड़ी है जो सीधे जनता से संपर्क कर डेटा एकत्र करती है। उनके मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:प्रशिक्षण और ऐप का ज्ञान: प्रगणकों को प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा और HLO मोबाइल ऐप चलाने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना होगा।क्षेत्र भ्रमण (Field Visit): अपने आवंटित हाउसलिस्टिंग ब्लॉक (HLB) के प्रत्येक भवन, जनगणना मकान और परिवार का बिना किसी चूक के दौरा करना।मानचित्र और नंबरिंग: भवनों पर नंबर डालना और ऐप द्वारा दिए गए मानचित्र का उपयोग करके HLB का लेआउट मैप तैयार करना।डेटा सिंक्रोनाइज़ेशन (Data Sync): ऐप के माध्यम से हाउसलिस्टिंग डेटा एकत्र करना, स्व-गणना ID को सत्यापित करना और हर 5-6 परिवारों का डेटा पूरा होते ही उसे सिंक करना।पूर्णता की रिपोर्ट: कार्य पूरा होने पर HLB को ‘पूर्ण’ (Completed) मार्क करना और अपने पर्यवेक्षक को सूचित करना।2. पर्यवेक्षक (Supervisor) के प्रमुख कर्तव्यपर्यवेक्षक का कार्य प्रगणकों के काम की गुणवत्ता की जांच करना और उन्हें मार्गदर्शन प्रदान करना है:निगरानी और सत्यापन: यह सुनिश्चित करना कि उनके अधीन सभी प्रगणक प्रशिक्षित हैं। फील्ड पर जाकर HLB की सीमाओं और लैंडमार्क का सत्यापन करना।सुपरवाइजरी लेआउट मैप: सभी HLB को कवर करते हुए एक व्यापक सुपरवाइजरी सर्कल लेआउट मैप तैयार करना।डेटा की जांच: ‘सुपरवाइजर ऐप’ के माध्यम से प्रगणकों द्वारा एकत्र किए गए डेटा की निरंतर निगरानी, पूर्वावलोकन (Preview) और बारीकी से जांच करना।त्रुटि सुधार: यह सुनिश्चित करना कि दो ब्लॉकों (HLB) के बीच कोई अंतराल (Gap) या ओवरलैप न हो और सभी ब्लॉक पूरी तरह से कवर किए गए हों।डिजिटल जनगणना की महत्वपूर्ण शर्तेंडिजिटल प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए कुछ विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं:पेपर मोड का सीमित उपयोग: डेटा संग्रह के लिए ‘पेपर मोड’ का उपयोग केवल अत्यंत अपरिहार्य (Unavoidable) परिस्थितियों में ही किया जाएगा। यदि पेपर मोड इस्तेमाल होता है, तो उस डेटा को वेब-पोर्टल पर समय से प्रविष्ट करना अनिवार्य है।भाषा का चयन: जनगणना के दौरान प्रगणक और पर्यवेक्षक को भाषा का चयन बहुत सावधानी से करना होगा, क्योंकि एक बार चुनी गई भाषा बदली नहीं जा सकेगी।निष्कर्षडिजिटल जनगणना न केवल कागजी कार्रवाई को कम करेगी, बल्कि राष्ट्र के विकास के लिए रियल-टाइम डेटा प्रदान करने में भी सहायक होगी। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का आपसी समन्वय ही इस विशाल राष्ट्रीय अभियान की सफलता का आधार है।


Exit mobile version