यूपी के परिषदीय स्कूलों में लागू होगा नया नियम, कक्षा 1 से 8 तक बदलेगा पूरा सिस्टम
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा एक से आठ तक सभी कक्षाओं में पूरी तरह राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
इसके साथ ही कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए व्यापक आनलाइन अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पढ़ाई को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाया जा सके।
अब तक परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से चार तक एनसीईआरटी की किताबों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा प्रकाशित कर पढ़ाया जा रहा है, लेकिन आगामी सत्र से इसे सभी कक्षाओं में लागू करने की योजना है।
परिषद के निदेशक गणेश कुमार के अनुसार, समय से पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया अभी से शुरू की जा रही है। इसके तहत एनसीईआरटी से किताबों का कापीराइट लिया जाता है, जिसके बाद राज्य स्तर पर उनका प्रकाशन कराया जाता है।
यदि यह प्रक्रिया समय रहते शुरू नहीं की गई, तो अगले सत्र तक किताबों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। वहीं, माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए डिजिटल संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
एससीईआरटी ने प्रदेश भर के शिक्षकों से आनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसमें 232 शिक्षकों ने भाग लिया। अब इन शिक्षकों द्वारा तैयार की गई पाठ्य सामग्री की रिकार्डिंग की जाएगी। इसके लिए एक कार्यशाला आयोजित की जा चुकी है और आगे परिषद के स्टूडियो में विषयवार कंटेंट रिकार्ड किया जाएगा।
इसमें लक्ष्य है कि कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित और जीवविज्ञान जैसे विषयों में समृद्ध और गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जाए। तैयार डिजिटल कंटेंट को दीक्षा एप और परिषद के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि छात्र कहीं भी और कभी भी पढ़ाई कर सकें।