शासनादेश के दो माह बाद भी एनपीएस की राशि जीपीएफ खाते में नहीं कराया जमा GPF
शासनादेश के दो माह बाद भी एनपीएस की राशि जीपीएफ खाते में नहीं कराया जमा
लखनऊ: शासनादेश हुए दो माह बाद से अधिक समय बीत गए लेकिन एडेड विद्यालयों के शिक्षकों के एनपीएस की राशि जीपीएफ खाते में जमा नहीं कराई जा सकी हैं। इससे एडेड के 15000 से अधिक शिक्षकों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है।
यह स्थिति तब है जबकि सरकार ने सदन में आश्वासन दिया था कि 28 फरवरी तक ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) की परिधि में आने वाले शिक्षकों के एनपीएस के तहत जमा राशि को जीपीएफ में जमा कर दी जाएगी लेकिन मई का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी इसमें कोई प्रगति नहीं हुई है।
शासनादेश और शिक्षक
दरअसल, सहायता प्राप्त गैर सरकारी माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में 28 मार्च 2005 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को सरकार ने पुरानी पेशन देने का निर्णय किया है। ऐसे में 28 मार्च 2005 से पूर्व नियुक्त 15000 से अधिक शिक्षकों की अब तक एनपीएस में जमा धनराशि को ब्याज समेत जीपीएफ खाते में जमा करने के 30 जून 2025 को शासनादेश भी जारी कर दिए गए। इस शासनादेश के छह माह बाद भी जब इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई तो सरकार की ओर से एक बार फिर से आदेश जारी कर एनपीएस खाते की राशि मय ब्याज के जीपीएफ में जमा करने की तिथि 28 फरवरी 2026 कर दी गई। साथ ही सदन में सरकार की ओर से इस बारे में आश्वासन दिया गया लेकिन 28 फरवरी को बीते हुए 69 दिन हो गए एनपीएस की राशि जीपीएफ खाते में जमा नहीं हो सकी है।
शिक्षकों की समस्याएँ
शिक्षाधिकारियों की स्वेच्छाचारिता एवं मनमानेपन का खामियाजा हजारों शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को भुगतना पड़ रहा है। शिक्षक संगठनों ने एनपीएस में जमा धनराशि को जीपीएफ में जमा नहीं किए जाने के कृत्य को भ्रष्टाचार की संज्ञा देना शुरू कर दिया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि 28 फरवरी तक शिक्षकों के जीपीएफ खाते में ब्याज सहित जमा कर दिए जाने का स्पष्ट आदेश है। इसके बाद भी अभी तक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लचर कार्य प्रणाली के चलते जमा न किए जाने पर लगातार कड़ा एतराज जताया जा रहा है। इसके बावजूद अफसरों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
शिक्षक संगठनों की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि इस प्रक्रिया में हिलाहवाली किए जाने को घोर आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि एनपीएस की राशि अभी तक जीपीएफ खाते में जमा न किया जाना अधिकारियों की सेवा आचरण नियमावली के भी सर्वथा विपरीत है।