UP Board : कक्षा नौ से 12 की किताबें जिलों में पहुंचीं, ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं बिक रहीं, इंतजार कर रहे छात्र-छात्राएं
UP Board : कक्षा नौ से 12 की किताबें जिलों में पहुंचीं, ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं बिक रहीं, इंतजार कर रहे छात्र-छात्राएं
प्रयागराज। यूपी बोर्ड ने कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाओं के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का पाठ्यक्रम अंगीकार किया है। यह पाठ्य पुस्तकें एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले प्रकाशित कराकर सभी जनपदों में निर्धारित पुस्तक विक्रेताओं के यहां अधिकृत तीन प्रकाशकों के माध्यम से उपलब्ध करा दी गई हैं।
पाठ्य पुस्तकों का प्रकाशन तीन प्रकाशकों ने की
उल्लेखनीय है कि पहले चक्र में यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने कुल छात्र संख्या के 30 प्रतिशत के अनुपात में पुस्तक प्रकाशन की अनुमति दी थी। इसमें करीब एक तिहाई से अधिक पुस्तकें जनपदों में उपलब्ध हैं। यूपी बोर्ड के विद्यालयों में भाषा से जुड़े विषय हिंदी, संस्कृत एवं उर्दू को मिलाकर 12 पाठ्य पुस्तकें माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विकसित की हैं, जबकि 36 अन्य प्रमुख विषयों की 70 पाठ्य पुस्तकों का प्रकाशन तीन अलग-अलग प्रकाशकों से कराया है।
ब्लाक स्तर पर पुस्तक विक्रय शिविर लगेगा
बोर्ड के अपर सचिव (प्रशासन) सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि तीनों प्रकाशकों के माध्यम से करीब 55 लाख पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता प्रत्येक जिलों में सुनिश्चित करा दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रकाशकों के माध्यम से प्रत्येक जिलों में ब्लाक स्तर पर पुस्तक विक्रय शिविर लगवाएं, ताकि विद्यार्थियों को अपेक्षाकृत सस्ती और अधिकृत पाठ्य पुस्तकें सुगमता से मिल सकें। कई जनपदों में पुस्तक विक्रय शिविर लगाए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएगी
उन्होंने कहा कि अप्रैल के तीसरे सप्ताह में इंटरमीडिएट के साथ हाईस्कूल का भी परीक्षाफल घोषित किया गया, इस कारण विशेष रूप से कक्षा 11 में अभी प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। प्रवेश के बाद पुस्तकों के विक्रय में और तेजी आएगी। ग्रामीण क्षेत्र में भी अधिकृत पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।