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टीईटी अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई: पुराने शिक्षकों को मिल सकती है राहत, 13 मई को होगा फैसला


🔴 टीईटी अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई: पुराने शिक्षकों को मिल सकती है राहत, 13 मई को होगा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त किए गए शिक्षकों-शिक्षिकाओं को टीईटी से राहत देने संबंधी लगभग चार दर्जन पुनर्विचार याचिकाओं पर ओपन कोर्ट में मौखिक सुनवाई की अनुमति दे दी है।

28 अप्रैल 2026 को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने राज्य उत्तर प्रदेश बनाम अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट एवं अन्य मामले में दायर मुख्य रिव्यू पेटिशन (डायरी नंबर 53434/2025) और इससे जुड़ी अन्य कई रिव्यू याचिकाओं पर विचार किया। ये सभी याचिकाएं 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ दायर की गई हैं।

खंडपीठ ने परिचालन के माध्यम से सुनवाई करते हुए सभी उन आवेदनों को स्वीकार कर लिया जिनमें रिव्यू पेटिशनों को ओपन कोर्ट में सूचीबद्ध करने और मौखिक सुनवाई की मांग की गई थी। कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी रिव्यू पेटिशनों को 13 मई 2026 को दोपहर 2 बजे सूचीबद्ध किया जाए, जो माननीय मुख्य न्यायाधीश की अनुमति के अधीन होगा।

इस मामले में कुल करीब चार दर्जन रिव्यू याचिकाएं और संबंधित अंतरिम आवेदन (आईए) दायर किए गए थे। इनमें देरी माफी, दस्तावेजों की छूट, अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने की अनुमति और मौखिक सुनवाई से संबंधित अनेक प्रार्थनाएं शामिल हैं। कई शिक्षक संगठनों, संस्थाओं और व्यक्तिगत शिक्षकों ने भी हस्तक्षेप आवेदन दायर किए थे।

मुख्य विवाद 1 सितंबर 2025 के फैसले से जुड़ा है जिसमें आरटीई अधिनियम 2009 लागू होने के बाद टीईटी को शिक्षक नियुक्ति और पदोन्नति के लिए अनिवार्य माना गया था। याचिकाकर्ता इस बात की मांग कर रहे हैं कि आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से पूरी तरह छूट दी जाए।

यह सुनवाई उन हजारों शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है जिनकी नियुक्ति आरटीई एक्ट लागू होने से पहले हुई थी। यदि पुनर्विचार याचिकाओं में राहत मिलती है तो पुराने शिक्षकों पर टीईटी पास करने का दबाव कम हो सकता है।

अब सभी आंखें 13 मई 2026 को होने वाली इस सुनवाई पर टिकी हैं, जिसके नतीजे से उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के हजारों शिक्षकों की सेवा शर्तें और भविष्य प्रभावित हो सकता है।

राहुल पांडेय अविचल


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