8th Pay Commission metting: 8वें वित्त आयोग की बंद कमरे में हुई बड़ी बैठक, JCM ने बताया क्या चाहते हैं कर्मचारी


8th Pay Commission metting: 8वें वित्त आयोग की बंद कमरे में हुई बड़ी बैठक, JCM ने बताया क्या चाहते हैं कर्मचारी

8th Pay Commission metting details: 8वें वित्त आयोग और जेसीएम के बीच आज दिल्ली में सुबह 11 बजे एक बड़ी बैठक हुई। यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस बैठक में पे कमीशन की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई भी मौजूद रही।

मीटिंग में सैलरी, फिटमेंट फैक्टर्स, बेसिक पे आदि विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। JCM की तरफ से कई बड़ी डिमांड की गई है। बता दें, 28 से 30 अप्रैल के बीच 8वें पे कमीशन की बड़ी बैठक दिल्ली में चल रही है। इसमें आयोग अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स से बातचीत कर रहा है।

पहली बार हुई औपचारिक मीटिंग (8th Pay Commission NC-JCM Demand)

NC-JCM की तरफ से शिव गोपल मिश्रा मीटिंग में हिस्सा लिए थे। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज दिल्ली के चंद्रलोक बिल्डिंग स्थित 8वें वेतन आयोग के कार्यालय में आयोग के साथ नेशनल काउंसिल JCM (स्टाफ साइड) की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक सुबह 11 बजे प्रारंभ होकर लगभग डेढ़ घंटे तक चली।।” वो आगे कहते हैं कि इस बैठक में कर्मचारियों के मेमोरंडम से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों को मजबूती से रखने के साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जो कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया पूरी बातचीत एक सकारात्मक और सहयोगपूर्ण माहौल में हुई, जहां हमारी बातों को गंभीरता से सुना गया औऱ आगे भी इसी प्रकार की बैठकों के माध्यम से हम अपने सभी मुद्दों को मजबूती से रखते रहेंगे।

बता दें, NC-JCM 36 लाख सरकारी कर्मचारियों को रिप्रेजेंट करता है। जिसमें रेलवे, डिफेंस, सिविल सर्विसेज, इनकम टैक्स, पोस्टल, ऑडिट आदि शामिल है।

क्या हुई है डिमांड? (8th Pay Commission demands)

इंडिया टु़डे की रिपोर्ट के अनुसार आयोग से कई बड़ी डिमांड की गई है।

1-फिटमेंट फैक्टर्स 3.83

2-मिनिमम बेसिक पे – 69000 रुपये

3-ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से शुरू किया जाए।

क्या की गई है सबसे बड़ी डिमांड?

जिस तरह से सैलरी कैलकुलेट की जाती है उसको लेकर सबसे बड़ी डिमांड की गई है। शिप गोपाल मिश्र ने कहा, “पहले कैलकुलेशन में पुरुष को एक 1 और महिला को 0.8 यूनिट्स माना जाता रहा है। यह लैंगिक भेदभाव को दर्शाता है। यह बिलकुल भी स्वीकार्य नहीं है।”

उन्होंने कहा कि बच्चों को भी एक यूनिट माना जाना चाहिए। वहीं, अभिभावकों को भी एक यूनिट के तौर पर देखना चाहिए।

HRA और इंक्रीमेंट को बढ़ाया जाए (8th Pay Commission HRA and other details)

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार स्टाफ साइड की तरफ से कहा गया है कि एनुअल इंक्रीमेंट को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत कर दिया जाना चाहिए। इसके अलावा HRA, ट्रांसपोर्ट और अन्य भत्तों को भी तीन गुना बढ़ाया जाए।

हर 5 साल में पे कमिशन? (8th Pay Commission updates)

उन्होंने कहा कि पे कमिशन हर 10 साल पर आता है। लेकिन बैंकिंग और अन्य सेक्टर्स में सैलरी रिवीजन 5 साल में की जाती है। 10 साल काफी अधिक समय हो जाता है।


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